जमीयत उलमा-ए-हिंद ने मुसलमानों को नसीहत दी है कि ईद-उल-अजहा पर सरकारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें और कुर्बानी देने वाले जानवरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा न करें। ईद-उल-अजहा यानी बकरीद सोमवार को मनाई जाने वाली है।
जमीयत अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बृहस्पतिवार को मुसलमानों के लिए जारी संदेश में कहा कि इस्लाम में कुर्बानी का कोई विकल्प नहीं है। यह एक धार्मिक कर्तव्य है जो हर मुसलमान के लिए अनिवार्य है। उन्होंने आगे कहा, मुसलमान कुर्बानी देते समय एहतियाती कदम उठाएं। खासतौर पर कुर्बान जानवरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें। यही नहीं, साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि कुर्बान पशुओं के अवशेष सड़कों और नालियों में नहीं फेंके जाएं, बल्कि उन्हें इस तरह दफनाया जाए कि उससे बदबू न आए।
किसी को ठेस न पहुंचे
मदनी ने सरकारी दिशानिर्देशों के सख्ती से पालन के साथ प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी से बचने का आग्रह भी किया। मदनी ने कहा, हरसंभव प्रयास किया जाए कि हमारी कार्रवाई से किसी को ठेस न पहुंचे और सांप्रदायिक तत्वों की ओर से किसी भी उकसावे के प्रति धैर्य रखकर मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज कराई जाए।