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Delhi: निजी बैंक के आईटी मैनेजर ही हुए साइबर ठगी का शिकार, सर्वे कराने के नाम पर 11.80 लाख रुपये ऐंठे

Tue, 21 Mar 2023 07:49 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

पीड़ित को जाल में फंसाने के लिए आरोपियों ने शुरुआत में सर्वे के दौरान उनके खाते में कुछ रुपये भेजे। जब पीड़ित मैनेजर को यकीन हो गया कि यहां से उनका पैसा कहीं नहीं जाने वाला तो उन्होंने तीन दिन सर्वे करने के दौरान अपने खाते से रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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Cyber Crime - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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एसएमएस या व्हाट्सएप पर कोई आपको मैसेज भेजकर सर्वे में शामिल होकर रुपये कमाने का लालच दे तो सावधान हो जाएं। साइबर ठग अब इस नई ट्रिक के जरिये लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। शाहदरा में साइबर ठगों ने निजी बैंक के आईटी मैनेजर को ही 11.80 लाख का चूना लगा दिया।

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पीड़ित को जाल में फंसाने के लिए आरोपियों ने शुरुआत में सर्वे के दौरान उनके खाते में कुछ रुपये भेजे। जब पीड़ित मैनेजर को यकीन हो गया कि यहां से उनका पैसा कहीं नहीं जाने वाला तो उन्होंने तीन दिन सर्वे करने के दौरान अपने खाते से रुपये ट्रांसफर कर दिए।

इसके बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद करने के अलावा अपने लिंक को हटा लिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने बैंक और पुलिस दोनों को खबर दी। छानबीन के बाद सोमवार को शाहदरा जिला साइबर थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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पुलिस के मुताबिक दिनेश (32)(बदला हुआ नाम) परिवार के साथ शाहदरा इलाके में रहते हैं। वह दिल्ली में एक नामी निजी बैंक में आईटी प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। दिनेश ने बताया कि 25 दिसंबर 2022 को उनके व्हाट्सएप पर एक सर्वे का मैसेज आया हुआ था।

सर्वे करने पर एक हजार से पांच हजार रुपये देने का वादा किया गया था। पहले तो दिनेश ने इसे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन बाद में उन्होंने दिए गए नंबर पर क्लिक कर सर्वे को भरना शुरू कर दिया। पीड़ित से पांच हजार रुपये निवेश करवाए गए।

लेकिन कुछ ही देर बाद उनके खाते में छह हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद दूसरे राउंड में उनसे दोबारा पांच हजार रुपये लेकर 35 हजार रुपये दिए गए। अब दिनेश की उत्सुकता बढ़ गई। आरोपियों ने 24, 25 और 26 दिसंबर तक दिनेश को अपने जाल में फंसाकर रखा।
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धीरे-धीरे आरोपियों ने उनसे 11.80 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवाकर अपने-अपने मोबाइल बंद कर लिये। वेबसाइक से अपने लिंक भी हटा लिये गए। पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस के अलावा बैंक से की। बैंक ने उनकी मदद करने से इंकार कर दिया।

मामले की छानबीन के बाद अब सोमवार को पुलिस ने दिनेश की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन खातों की पड़ताल कर रही है, जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए हैं। इसके अलावा सीडीआर की मदद से भी मामले की जांच की जा रही है।
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