पुलिस के मुताबिक दिनेश (32)(बदला हुआ नाम) परिवार के साथ शाहदरा इलाके में रहते हैं। वह दिल्ली में एक नामी निजी बैंक में आईटी प्रोजेक्ट मैनेजर हैं। दिनेश ने बताया कि 25 दिसंबर 2022 को उनके व्हाट्सएप पर एक सर्वे का मैसेज आया हुआ था।
सर्वे करने पर एक हजार से पांच हजार रुपये देने का वादा किया गया था। पहले तो दिनेश ने इसे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन बाद में उन्होंने दिए गए नंबर पर क्लिक कर सर्वे को भरना शुरू कर दिया। पीड़ित से पांच हजार रुपये निवेश करवाए गए।
लेकिन कुछ ही देर बाद उनके खाते में छह हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद दूसरे राउंड में उनसे दोबारा पांच हजार रुपये लेकर 35 हजार रुपये दिए गए। अब दिनेश की उत्सुकता बढ़ गई। आरोपियों ने 24, 25 और 26 दिसंबर तक दिनेश को अपने जाल में फंसाकर रखा।
धीरे-धीरे आरोपियों ने उनसे 11.80 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवाकर अपने-अपने मोबाइल बंद कर लिये। वेबसाइक से अपने लिंक भी हटा लिये गए। पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस के अलावा बैंक से की। बैंक ने उनकी मदद करने से इंकार कर दिया।
मामले की छानबीन के बाद अब सोमवार को पुलिस ने दिनेश की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन खातों की पड़ताल कर रही है, जिन खातों में रुपये ट्रांसफर हुए हैं। इसके अलावा सीडीआर की मदद से भी मामले की जांच की जा रही है।