राजधानी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस बार योग पहली बार 32 डिग्री से अधिक की तपिश में होगा। यह 2015 से अब तक का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है। तापमान में बढ़ोतरी के कारण सुबह-सवेरे भी गर्मी का अहसास होगा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 21 जून को अधिकतम तापमान 43 डिग्री व न्यूनतम 32 डिग्री या इससे अधिक रह सकता है। उस वक्त आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और 25-35 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। इससे मंगलवार की तुलना में तो तापमान में कमी आएगी, लेकिन योग दिवस की सुबह गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
गर्मी के इस सितम और प्रचंड लू की स्थिति को देखते हुए मोरारजी देसाई योग संस्थान ने योग दिवस पर होने वाले कार्यक्रम को सुबह 7:30 बजे से पहले समाप्त करने की योजना बनाई है। वहीं, कार्यक्रम में उन यौगिक क्रियाओं को शामिल किया गया है, जिनसे शरीर पर गर्मी का असर कम होगा।
दरअसल, 2015 से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई। बीते साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2015 से 2023 में से वर्ष 2018 को छोड़ दिया जाए तो कभी भी योग दिवस के अवसर पर न्यूनतम तापमान 30 डिग्री के ऊपर नहीं रहा है। 2018 में भी न्यूनतम तापमान 31 डिग्री व अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज हुआ था। इस साल के 21 जून के पूर्वानुमान की तुलना में यह भी कम है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 19 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और उत्तर पश्चिम भारत की ओर बढ़ेगा। इसके असर से राजधानी में 20 जून तक हल्की बारिश व आंधी चलने की संभावना है। इससे तापमान पर ज्यादा उलटफेर नहीं होगा। 19 जून को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 34 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि 21 व 22 जून को ग्रीन अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 43 डिग्री व न्यूनतम 32 डिग्री या इससे अधिक रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ नहीं आने और शुष्क हवा बढ़ा रही गर्मी
पूरे उत्तर भारत में प्रचंड गर्मी और लू का कहर इसलिए जारी है कि काफी समय से कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ है। वहीं, राजस्थान से आ रही शुष्क गर्म हवा गर्मी को और बढ़ा रही है। गर्मी बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन भी बताया जा रहा है। पर्यावरण में भी बदलाव हो रहे हैं। इस कारण से दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो रहीं हैं।