नई दिल्ली। पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल होने वाले धारदार मांझे पर लगे प्रतिबंध को लेकर दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस संबंध में स्कूल प्रमुखों को जारी परिपत्र में पर्यावरण विभाग के निदेशक के तीन जुलाई को भेजे एक पत्र का हवाला दिया गया है।इस पत्र में दिल्ली के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्यों को छात्रों के बीच धारदार मांझे के उपयोग से होने वाले खतरों और उस पर लागू प्रतिबंध के बारे में जानकारी देने को कहा है। शिक्षा विभाग से कहा गया है कि वह सभी स्कूलों और ईको-क्लब में हिंदी और अंग्रेजी में जागरूकता सामग्री भेजकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम लोगों के बीच चाइनीज व धारदार मांझे के दुष्प्रभाव और उस पर लगे प्रतिबंध के बारे में जागरूकता सुनिश्चित करें। पत्र में कहा गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल द्वारा 10 जनवरी 2017 को जारी अधिसूचना के तहत दिल्ली में नायलॉन, प्लास्टिक या किसी भी अन्य सिंथेटिक सामग्री से बने तथा कांच, धातु या अन्य धारदार पदार्थों वाले चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री, भंडारण, आपूर्ति, आयात और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। ब्यूरो