- एनजीटी ने यह निर्देश बारापुला नाले में गिर रहे सीवेज को लेकर सुनवाई के दौरान दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) को आदेश दिया है कि वह जेजे क्लस्टर्स से निकलने वाले बिना साफ किए गंदे पानी को नालों में जाने से तुरंत रोके। इसके लिए डूसिब को दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। एनजीटी ने यह निर्देश बारापुला नाले में गिर रहे सीवेज को लेकर सुनवाई के दौरान दिए। अधिकरण को बताया गया कि आठ जेजे क्लस्टर्स से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नाले में छोड़ा जा रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। डीजेबी ने अदालत को बताया कि वह नाले में गिरने वाले पानी को साफ करने के लिए छोटे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाना चाहता है, लेकिन इसके लिए डूसिब के सहयोग की जरूरत है। डूसिब ने इस प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। एनजीटी ने डूसिब को निर्देश दिया कि वह जेजे क्लस्टर्स से निकलने वाले सीवेज को एक जगह इकट्ठा करने की व्यवस्था करे, ताकि डीजेबी उसे सीवर लाइन में मोड़ सके और वहां ट्रीटमेंट प्लांट लगा सके। डीजेबी ने कहा कि ये ट्रीटमेंट प्लांट छह महीने के भीतर लगाए जा सकते हैं। अदालत ने दोनों विभागों से अगली सुनवाई से पहले अपनी प्रगति रिपोर्ट जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।