दिल्ली में एक न्यायाधिकरण ने राष्ट्रीय बीमा कंपनी लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह 2019 में एक सड़क दुर्घटना में मारे गए सरकारी कर्मचारी के आश्रित परिवार के सदस्यों को दो करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दे। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की पीठासीन अधिकारी एकता गौबा मान सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्यों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, 39 वर्षीय मनीष गौतम 31 मई 2019 को रोहिणी के सेक्टर 11 में अपने रिश्तेदार के साथ सड़क पर जा रहा था तभी तेज और लापरवाही से चलाए जा रहे एक कार ने उसे टक्कर मार दी। गौतम ने 1 जून को एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
न्यायाधीश ने कहा कि बीमा कंपनी को निर्देश दिया जाता है कि वह आज से 30 दिनों के भीतर इस मामले में याचिकाकर्ताओं को मुआवजे के रूप में दो करोड़ पचास हजार रुपये का भुगतान करे ऐसा न करने पर अधिक ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।