आईपी कॉलेज में फेस्ट के दौरान हुआ था हंगामा
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दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली पुलिस की ओर से कॉलेज परिसर व कॉलेज फेस्ट के दौरान लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की स्थिति को परखने के लिए जांच शुरू की है। इस कड़ी में आयोग ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों को पेश होने और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए बनाए गए दिशा निर्देशों व नियमों की जानकारी देने का आदेश दिया। इससे पहले आयोग ने दिल्ली पुलिस और आईपी कॉलेज को उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए नोटिस जारी किया था।
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त को समन जारी कर विश्वविद्यालय परिसर के अंदर छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ कॉलेजों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी है। वर्ष 2020 में कुछ लोगों ने एक उत्सव के दौरान गार्गी कॉलेज परिसर में जबरन घुस कर छात्राओं से छेड़छाड़ की। इस साल ही कुछ छात्रों ने मिरांडा कॉलेज में जबरन प्रवेश किया और छात्राओं को परेशान किया। आयोग ने गार्गी कॉलेज, मिरांडा हाउस और इंद्रप्रस्थ कॉलेज में हुई घटनाओं की जांच रिपोर्ट और सुरक्षा चूक के लिए कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विश्वविद्यालय की गई कार्रवाई का विवरण देने को कहा है। आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय और दिल्ली पुलिस से पूछा है कि वे कॉलेजों में ऐसी घटनाओं को क्यों नहीं रोक पा रहे हैं। आयोग ने उनसे कॉलेज परिसर के अंदर विशेष रूप से उत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों का विवरण भी मांगा है।