नई दिल्ली (संवाद)। विदुषी अनुराधा पाल की मौलिक परिकल्पना तबला गाए कहानियां धरती से शक्ति तक ने संगीत की एक अभिनव प्रस्तुति के जरिए भारत की विविधता, एकता और सांस्कृतिक ऊर्जा को जीवंत कर दिया। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तुत इस कार्यक्रम में पहली बार तबला स्वयं कथावाचक बना। अनुराधा पाल के प्रभावशाली तबला वादन के साथ राग, लोक और कथा के अनूठे मेल ने भारत के अलग-अलग रंगों और भावों को मंच पर साकार किया। खचाखच भरे सभागार में हर प्रस्तुति के बाद गूंजती दर्शकों की उत्स्फूर्त तालियां कार्यक्रम की प्रभावशीलता का प्रमाण बनीं। प्रस्तुति में पं. संतोष नाहर, ध्रुव बेदी, अलीश मोहन और वी वेत्री बूपति ने भी साथ दिया।