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Delhi : होम्योपैथी इलाज से ठीक हो रहे लाइलाज रोगी, एक केस के निकले उत्साहजनक नतीजे

Mon, 26 Aug 2024 05:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

ऐसा ही एक केस रविवार को ओम विद्या इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी एंड अलाइड मेडिकल साइंसेज (एकेजीएसओवीआईएएमएस) के रजत जयंती समारोह में दिखाया गया।
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डॉ. एके गुप्ता की किताब का विमोचन करेत सोमनाथ भारती। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होम्योपैथी इलाज से लाइलाज रोग के मरीज भी ठीक हो रहे हैं। ऐसा ही एक केस रविवार को ओम विद्या इंस्टीट्यूट ऑफ होम्योपैथी एंड अलाइड मेडिकल साइंसेज (एकेजीएसओवीआईएएमएस) के रजत जयंती समारोह में दिखाया गया। नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित समारोह में एकेजीएसओवीआईएएमएस के संस्थापक निदेशक डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि मोटर न्यूरॉन डिजीज से पीड़ित करीब 16 साल का यह युवक कुछ साल पहले इलाज के लिए आया था। मरीज के पैरो में कमजोरी होने के कारण वह सही से खड़ा भी नहीं हो सकता था। लेकिन होम्योपैथी दवाओं से किए गए इलाज के बाद वह अब आर्मी में शामिल होने की तैयारी कर रहा है।

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उन्होंने बताया कि संस्थान में ऐसे 700 मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों के रोग को लाइलाज करार दे दिया गया था, लेकिन होम्योपैथी की मदद से मरीजों की स्थिति में काफी सुधार है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि होम्योपैथी इलाज का बेहतर विकल्प है। इसका प्रचार होना चाहिए। सरकार भी इंट्रीगेटड चिकित्सा सुविधा देने पर जोर दे रही है। वहीं समारोह में मुख्य अतिथि दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती ने डॉ. गुप्ता की लिखी पुस्तक चाइल्डहुड चैलेंज द होम्योपैथी अप्रोच का विमोचन किया। इसके अलावा संस्थान की नई वेवसाइट को भी लांच किया। इस दौरान भारती ने कहा कि डॉ. गुप्ता जिस तरह से होम्योपैथी का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं यह लोगों को इलाज का बेहतर विकल्प दे रहा है।

पिछले 25 सालों में संस्थान की मदद से काफी लोगों को बेहतर इलाज मिला। दिल्ली सरकार लोगों को बेहतर इलाज का विकल्प देने का प्रयास कर रही है। यदि डॉक्टरों को लगता है कि किसी तरह की मदद की जरूरत है तो सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार है। इस दौरान चेयरमैन नेशनल कमीशन ऑफ होम्योपैथी डाॅ. अनिल खुराना, आईआईएमसी के पूर्व डीन गोविंद सिंह, डॉ. आरके मनचंदा, डॉ. सुनील रामटेके, आयुष मंत्रालय की सलाहकार डॉ. संगीता दुग्गल, डॉ. संकेत गुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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गोरखपुर की घटना में फायदेमंद रही होम्योपैथी
समारोह के विशिष्ट अतिथि होम्योपैथी के लिए राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष डॉ. अनिल खुराना ने बताया कि बारिश के दिनों में गोरखपुर में बच्चों में रोग फैल जाता था। इस रोग से निपटने के लिए एलोपैथी के साथ होम्योपैथी दवाओं से भी इलाज किया गया। इस दौरान एक शोध भी किया गया। इसमें पाया गया कि होम्योपैथी दवाओं को साथ में देने से बच्चों के ठीक होने की गति तेज हुई है। साथ ही बच्चों में होने वाली मौत के मामलों में भी कमी आई। डॉ. खुराना ने कहा कि देश में आज 250 से ज्यादा होम्योपैथी पद्धति के कॉलेज हैं। इनमें हजारों बच्चे पढ़ते हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में हर साल लाखों लोग इलाज करवा रहे हैं। हर साल इनमें इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

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