आईआईटी दिल्ली के हॉस्टल के रूप में बायोमैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र आयुष सिंगला का शव मिलने से बुधवार सुबह सनसनी फैल गई। छात्र ने खुदकुशी की है या किसी हादसे का शिकार हुआ, यह बुधवार देर शाम तक साफ नहीं हो पाया था। सेक्टर 28, चंडीगढ़ निवासी आयुष सोमवार रात को भोजन के बाद अपने हॉस्टल के कमरे में सोने गया था। जब उसने मंगलवार और बुधवार को अपनी मां का फोन नहीं उठाया तो आइआइटी प्रबंधन को सूचित किया गया। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो आयुष का शव मिला। किशनगढ़ थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार दूसरे साल के छात्र का शव उसके कमरे से बरामद हुआ। यह घटना मंगलवार, 4 जून को सामने आई। पुलिस को सुबह एक पीसीआर कॉल मिली कि किशनगढ़ थाना इलाके में स्थित आईआईटी के हॉस्टल के एक कमरे का दरवाजा लंबे समय से बंद है और अंदर से कोई जवाब नहीं मिल रहा। सूचना मिलते ही किशनगढ़ थानाध्यक्ष टीम के साथ मौके पर पहुंचे। चूंकि दरवाजा अंदर से बंद था, इसलिए फायर सर्विस की मदद से दरवाजा तोड़ा गया।
जब पुलिस और फायर टीम कमरे के अंदर पहुंची तो एक युवक बेहोशी की हालत में बेड पर पड़ा मिला। मौके पर मौजूद आईआईटी के डॉक्टरों ने उसे जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान बायोमैकेनिकल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्र के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्र ने घटना से एक दिन पहले रात का खाना खाया था और फिर अपने कमरे में चला गया था। 3 जून को वह किसी भी सहपाठी को नजर नहीं आया और न ही किसी से संपर्क में था, जिससे साथी छात्रों को शक हुआ, इसके बाद मामला सुरक्षा कर्मचारियों के माध्यम से पुलिस तक पहुंचा। कानूनी औपचारिकताओं के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सफदरजंग अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया था, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है
छात्र के शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान
पुलिस का कहना है कि शव पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन कमरे में उल्टी के निशान पाए गए हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि मामला स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल, क्राइम टीम और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और जांच शुरू कर दी है।