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IIT Delhi: ओमिक्रॉन की जांच के लिए आरटी-पीसीआर आधारित तकनीकी ईजाद की, 90 मिनट में आएगी रिपोर्ट

Mon, 13 Dec 2021 07:50 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आईआईटी दिल्ली के कुसुम स्कूल ऑफ बॉयोलोजिकल साइंसेज के वैज्ञानिक और प्रो. विवेकानंद पेरुमल के मुताबिक, देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विदेशों की स्ट्डी के मुताबिक, कोरोना का यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैलता है।
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IIT Delhi - फोटो : Social media
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विस्तार
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आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की जांच के लिए आरटी-पीसीआर आधारित तकनीक विकसित की है। सामान्य आरटी-पीसीआर की तरह ही इस नई आरटी-पीसीआर की जांच में ओमिक्रॉन का पता लग जाएगा। इसके चलते करीब 90 मिनट में अब आसानी से ओमिक्रॉन मरीज की पहचान हो जाएगी। फिलहाल जीनोम सीक्वेंसिंग से दो से छह दिन में ओमिक्रॉन मरीजों की रिपोर्ट आ रही है।

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आईआईटी दिल्ली के कुसुम स्कूल ऑफ बॉयोलोजिकल साइंसेज के वैज्ञानिक और प्रो. विवेकानंद पेरुमल के मुताबिक, देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विदेशों की स्ट्डी के मुताबिक, कोरोना का यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैलता है। इसलिए सावधानी और जांच बेहद जरूरी है। प्रो. विवेकानंद ने बताया कि आरटी-पीसीआर भी सामान्य आरटी-पीसीआर की तरह ही होगी। इसलिए आसानी से हर जगह ओमिक्रॉन की जांच हो पाएगी।

पेटेंट के लिए भेजा आवेदन
प्रो. विवेकानंद के मुताबिक, संस्थान ने इस नई आरटी-पीसीआर तकनीक के पेटेंट के लिए आवेदन दायर कर दिया है। इसके अलावा कंपनी से किट तैयार करने के लिए बात हो रही है। यह नई आरटी-पीसीआर डेढ़ से दो हजार में उपलब्ध होगी। इससे पहले सबसे सस्ती आरटी-पीसीआर तकनीक भी आईआईटी दिल्ली ने 2020 में तैयार की थी।

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