फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: IGI पुलिस ने विदेश भेजने वाले एजेंट को दबोचा, देता था इंडियन पहचान; बांग्लादेशियों को ऐसे भेजता था बाहर

Mon, 12 Aug 2024 11:18 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय पहचान देकर बांग्लादेशियों को विदेश भेजने वाले एक एजेंट को आईजीआई पुलिस ने धर दबोचा है। चार अगस्त को दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल निवासी अबू हुसैन शेख नाम का यात्री दिल्ली हवाई अड्डा पर पहुंचा। यात्री के पास भारतीय पासपोर्ट था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान देकर विदेश भेजने वाले एक एजेंट को आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी कोलकाता में वीजा कंसल्टेंसी कार्यालय की आड़ में यह धंधा चला रहा था। वह बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाकर उसके आधार पर भारतीय पासपोर्ट का इंतजाम करता था। फिर उन्हें अवैध रूप से कुवैत भेजता था। आरोपी की पहचान दक्षिण परगना पश्चिम बंगाल निवासी मीर अनवर हुसैन (57) के रूप में हुई है। 
विज्ञापन


चार अगस्त को दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल निवासी अबू हुसैन शेख नाम का यात्री दिल्ली हवाई अड्डा पर पहुंचा। यात्री के पास भारतीय पासपोर्ट था और उसे इस्तांबुल, तुर्की से निर्वासित किया गया था। यात्रा दस्तावेजों की जांच में पता चला कि आरोपी यात्री पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि बांग्लादेश का नागरिक है। उसकी असली पहचान ढाका निवासी मोहम्मद शाकिब हसन के रूप में हुई। पुलिस ने यात्री के खिलाफ फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। यात्री ने पूछताछ में बताया कि वह पैसे कमाने के लिए विदेश जाना चाहता था। 

अपने एक रिश्तेदार के जरिए उसे पश्चिम बंगाल के एक एजेंट मीर अनवर हुसैन के बारे में पता चला। वह 2021 में नदी के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर पश्चिम बंगाल पहुंचकर एजेंट से मिला। एजेंट ने बताया कि बांग्लादेशी पासपोर्ट पर वर्क वीजा मिलना मुश्किल है। फिर उसने दो लाख रुपये लेकर उसे भारतीय पासपोर्ट पर दुबई के रास्ते माल्टा भेजने का आश्वासन दिया। उसके बाद अपने सहयोगियों की मदद से उसके लिए भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट का इंतजाम किया। 
विज्ञापन


इस्तांबुल, तुर्की में रहने के दौरान पता चला कि उसके पासपोर्ट को आरपीओ कोलकाता में रद्द कर दिया है। उसके बाद उसे भारत निर्वासित कर दिया गया। आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने एजेंट की तलाश शुरू की। पुलिस की एक टीम कोलकाता पहुंचकर स्थानीय स्तर पर जानकारी हासिल की और फिर तकनीकी जांच करते हुए उसे दिल्ली के एक ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें