अदालत ने 2015 में शादी के 23 दिनों के भीतर आत्महत्या करने वाली एक महिला के पति और सास-ससुर को उसके साथ क्रूरता और दहेज के लिए उसकी मौत का दोषी ठहराया है। पटियाला हाउस अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल पाहुजा ने आदेश में कहा रिकॉर्ड पर प्रमुख साक्ष्य के आधार पर आरोपी मोहम्मद इमरान और उनके माता-पिता, मोहम्मद जुबेर अंसारी और शहनाज के खिलाफ अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में सफल रहा है।
अदालत ने दोषियों को 21 नवंबर को अपनी संपत्ति और आय के संबंध में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। सजा का निर्धारण उसी के बाद किया जाएगा। आरोपियों पर क्रूरता और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। उन्होंने सबीना को तीन नवंबर 2015 को फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए मजबूर किया था। अदालत का विचार है कि अभियोजन पक्ष ने मामले को सफलतापूर्वक साबित कर दिया है और धारा 498 ए (एक महिला के पति के रिश्तेदार या उसके साथ क्रूरता के अधीन), 304 बी (दहेज मौत) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत अपराध स्थापित किया है।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने चार गवाहों से पूछताछ की थी जो मृतक के परिवार के सदस्य थे और अभियोजन का मामला उनकी गवाही पर टिका था। साथ ही, मृतक की बड़ी बहन सीमा, एक महत्वपूर्ण गवाह थी, जिसके लिए सबीना ने आरोपी के आचरण का खुलासा किया और बताया कि कैसे उसे उत्पीड़न और क्रूरता का शिकार होना पड़ा। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष की गवाह सीमा की गवाही बहुत विश्वसनीय है और आरोपी व्यक्तियों को झूठे फंसाने की संभावना से इनकार करती है। अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कि उसकी मौत से पहले सबीना के परिवार द्वारा आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई थी। बताते चलें कि मालवीय नगर पुलिस ने मृतक के पिता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।