पूरे उत्तर भारत में कोहरे का सितम जारी है। इसका सबसे ज्यादा असर विमानों पर दिखने को मिल रहा है। पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन 300 से लेकर 800 तक विमान देरी से सिर्फ दिल्ली के एयरपोर्ट से संचालित हो रहे हैं। विमानों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है। लेटलतीफी से यात्री परेशान हैं।
स्थिति यह है कि 3 घंटे की देरी वाली उड़ानें रद्द हो रही हैं। बृहस्पतिवार को ही खराब मौसम की वजह से चार विमानों को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं दी गई। लिहाजा दो को जयपुर व एक को मुंबई और एक विमान को हैदराबाद के लिए डाइवर्ट किया गया। घरेलू ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट भी देरी से संचालित हो रही हैं।
अभी तक कोहरे की सबसे अधिक मार रेलगाड़ियों पर ही पड़ रही थी, लेकिन इस साल कोहरे की वजह से विमान सेवा बुरी तरह चरमरा गई है। बृहस्पतिवार को ही 280 से अधिक विमान 5 मिनट से लेकर 5 घंटे की देरी से संचालित हुए। बुधवार देर रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक रनवे पर दृश्यता 50 से 100 मीटर ही रही। सबसे अधिक कोहरा रात 1:30 बजे से 2:30 तक रहा, जब पूरा रनवे कोहरे की चादर में लिपट गया। इस दौरान आवाजाही करने वाले विमानों पर एक तरह से पहरा लग गया। सुबह 6 बजे के बाद ही विमानों की आवाजाही ठीक हुई।
बुधवार देर रात से ही दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों का संचालन प्रभावित होने लगा था। दृश्यता घटने से लो विजिबिलिटी प्रोसीजर यानी कृत्रिम लाइट से विमानों की आवाजाही का प्रबंधन किया गया था, लेकिन दृश्यता 125 मीटर से कम होने पर रनवे ठप हो गया। एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट संख्या 769 गोवा के लिए दोपहर दो बजे की जगह शाम 7 बजे के लिए निर्धारित की गई। इसी तरह रियाद के लिए निर्धारित फ्लाइट सुबह 4:10 बजे की जगह दोपहर 12:20 के लिए निर्धारित की गई।
सिर्फ कोहरा ही परेशानी के लिए जिम्मेदार नहीं
एयरपोर्ट पर हालात काबू से बाहर हो चले हैं। यात्रियों की हर समस्या के लिए सिर्फ कोहरा ही जिम्मेदार नहीं है। इसके लिए एयरपोर्ट ऑपरेटर से लेकर एयरलाइंस भी जिम्मेदार हैं। एयरपोर्ट पर लगे डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड पर भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। यात्रियों की शिकायत यह है कि एयरलाइंस स्टाफ जानकारी देना तो दूर, बात करने तक के लिए राजी नहीं होता है। विमान के यात्रियों को खाने के लिए सिर्फ एक पैकेट थमा दिया जाता है। यात्री सुधीर चड्ढा का कहना है कि फ्लाइट देरी से संचालित होने से बेहद परेशानी हो रही है।
बंद रनवे को खोलने की तैयारी
री-कारपेटिंग की वजह से दिल्ली एयरपोर्ट पर 13 सितंबर से रनवे 10/28 बंद है। इसके खुलने की कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को रनवे की जांच होनी है। इस रनवे को कैट-3बी सिस्टम से लैस किया गया है। पिछले साल 15 दिसंबर तक इसे शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था। उपकरण समय पर आयात नहीं होने की वजह से यह तैयार नहीं हो सका। जांच में सब कुछ ठीक रहा तो उम्मीद है कि 19 जनवरी को ही इस रनवे को शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, कैट-3 विमानों के ऑपरेशन के लिए सिर्फ 29/11 रनवे ही उपलब्ध है। नवनिर्मित रन-वे का अभी तक कैट-3 सर्टिफिकेशन नहीं हुआ है।
राजधानी समेत 18 ट्रेनें प्रभावित
कोहरे के कारण बृहस्पतिवार को 18 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने वालीं 18 ट्रेनें एक से 6 घंटे तक विलंब से पहुंचीं। ट्रेनों के बिलंब से परिचालन के कारण यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रभावित ट्रेनों में जम्मू तवी-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 1:45 घंटे , बेंगलुरु निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस 1:10 घंटे, भुवनेश्वर- नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस 3:45 घंटे, जम्मू तवी- दिल्ली सराय रोहिल्ला दुरंतो एक्सप्रेस 2:30 घंटे, भुवनेश्वर नई दिल्ली दुरंतो 4:30 घंटे, पुरी- निजामुद्दीन पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 6 घंटे, रीवा आनंद विहार एक्सप्रेस 4 घंटे , आजमगढ़ दिल्ली कैफियत एक्सप्रेस 5:30 घंटे अंबेडकर नगर कटरा एक्सप्रेस 3 घंटे, प्रतापगढ़ दिल्ली 1:20 घंट, देहरादून दिल्ली एक्सप्रेस 1:20 घंटे, मुजफ्फरपुर आनंद विहार एक्सप्रेस 3:15 घंटे समेत अन्य ट्रेनें घंटों देरी से पहुंचीं।