राष्ट्रीय राजधानी समेत पूरे देश में साइबर अपराधों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। लालच या अनजाने में लोग साइबर जालसाजों के चंगुल में फंस जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई को गंवा बैठते हैं। फिलहाल देश भर में बैठे जालसाज इन आठ तरीकों से लोगों की जेब से पैसे निकाल रहे हैं। अमर उजाला इन आठ तरीकों को पाठकों के सामने रख रहा है ताकि वह अपना बचाव कर सकें। ये तरीके अपना रहे हैं जालसाज...
बिजली कनेक्शन कटने के नाम पर
इसमें बिजली सप्लाई कंपनी बीएसईएस के नाम पर पीड़ित के पास मैसेज आता है। इस मैसेज में लिखा होता है कि आपकी बिजली का कनेक्शन कट जाएगा यदि आपने पेमेंट नहीं की तो | इसमें पीड़ित से कुछ 10 या 5 रुपये की पेमेंट करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही पीड़ित पेमेंट करता है या फिर आरोपी के भेजे लिंक को पीड़ित खोलता है उसके खाते से पैसे निकल जाते हैं।
घर बैठे जॉब लगवाने के नाम पर
सबसे ज्यादा मात्रा में पैसा लूटने का नया तरीका, घर बैठे कमाए, पार्ट टाइम जॉब, किसी मोबाइल एप्लीकेशन या व्हाट्सएप ग्रुप में ऑनलाइन निवेश कराकर अच्छा मुनाफा कमाने के नाम पर अपने जाल में फंसाया जाता है। जब तक आप उस जगह पर जाकर ऑफिस चेक ना कर ले, किसी भी पार्ट टाइम जॉब पर पर विश्वास ना करे ।
ओएलएक्स पर सामान बेचने के नाम पर
ओएलएक्स, फेसबुक या फिर अन्य किसी सोशल मीडिया साइट पर आर्मी ऑफिस या कोई भी सरकारी अधिकारी बनाकर, आईडी कार्ड, भेजकर आपका विश्वास जीतेंगे और फिर कोई भी सामान बेचने व खरीदने का झांसा देकर आपसे अलग अलग फीस के नाम पर पैसे लेंगे। कोई भी सामान खरीदना बेचना हो तो उस आदमी से व्यतिगत रूप में मिलकर लेन देन करें। जालसाजों के द्वारा भेजे गए किसी भी सामान का फोटो देखकर धोखा न खाएं।
डिजिटल अरेस्ट कर
इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर अपने आपको विदेशी बताकर पहले दोस्ती करना, फिर गिफ्ट भेजने के नाम पर आपको फोन आना और अपने आपको मुंबई पुलिस का बताकर बेवकूफ बनाना कि आपके नाम से पार्सल है जिसमे कुछ ड्रग्स ड्रग्स व अवैध पासपोर्ट पाया गया है और आपको डिजिटल अरेस्ट कर (फोन पर ही गिरफ्तार) की बातें कह कर आपसे भारी मात्रा में पैसे ले लेंगे। वो आपसे यह भी कह सकते है कि आपका पैसा आरबीआई में ट्रांसफर हो रहा है लेकिन वो आपका पैसा फर्जी बैंक खाते में ट्रांसफर करके आपको लूट लेंगे।
रिश्तेदार बताकर पेमेंट
किसी अनजान व्यक्ति के द्वारा फोन कर आपको अपना रिश्तेदार बताकर या आपके पापा/भाई या किसी का जानकार बताकर अपनी बातों में फंसाकर पेमेंट लेते हैं। जब तक आप अपने पिता भाई या जिसका भी जानकार वह व्यक्ति बता रहा है उस से पता ना कर ले, न ही कोई पेमेंट न ले और ना ही दे। उस रिश्तेदार से सीधा ही फोन करके पता कर ले कि वाकई उस रिश्तेदार की कोई इमरजेंसी तो नहीं है। जालसाज लिंक भेजते हैं और लिंक को क्लिक करते ही पैसे आपके खाते से निकल जाता है।
अश्लील वीडियो कॉल कर
अनजान लोगो से आई वीडियो कॉल कर बिलकुल भी न उठाएं। आप सेक्सटॉर्शन का शिकार हो सकते हैं। आपकी वीडियो का स्क्रीन रिकार्डर ऑन कर पुलिस वाले बनाकर या यू-ट्यूब वाले बनाकर वीडियो डिलीट या अपलोड करने के नाम पर आपसे पैसा वसूल कर सकते है।
क्रेडिट कार्ड सस्ता देने के नाम पर
यदि आपको किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा बैंक कर्मचारी या क्रेडिट कार्ड प्रदाता द्वारा फोन पे ऑनलाइन फार्म भरवाने को कहा जाता है तो गलती से भी उस अनजान व्यक्ति से व्हाट्सएप के माध्यम से मोबाइल फोन का स्क्रीन साझा न कर। वह अनजान व्यक्ति आपके स्क्रीन से आपके मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को देख सकता है और आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकता है।
लोन के नाम पर
किसी भी लोन एप्लीकेशन से लोन लेने की सोच रहे हैं तो हो जाए सावधान। सिर्फ अधिकृत बैंक में जाकर ही लोन ले। यह लोन एप्लीकेशन डाउनलोड करते समय आपसे आपके काॅन्टेक्ट नंबर और गैलरी के एक्सेस की परमिशन ले लेते हैं और फिर आपसे बड़ी कीमत वापस मांग करते है जो ना पूरी होने पर आपकी फोटो को नग्न अवस्था में एडिट कर करके आपके संपर्कों को भेजकर आपको मानसिक रूप से परेशान करते है और पैसे की मांग करते है।
जागो नागरिक जागो कार्यक्रम शुरू
लोगों में जागरूकता लाने के लिए दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर थाना पुलिस ने अपने स्तर पर जागो नागरिक जागो के नाम से एक अभियान शुरू किया है। थाने में तैनात पुलिस अफसर स्कूल, कालेज व अन्य जगहों पर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। जिला पुलिस अधिकारी व लोग इस अभियान की काफी प्रशंसा कर रहे हैं।
जालसाजी के शिकार होने पर ये करें
यदि आप साइर जालसाजी के शिकार हो गए हैं तो साइबर हेल्पलाइन, 1930 पर फोन कर नेशनल साइबर क्राइम रिर्पोटिंग पोर्ट पर अपनी शिकायत दर्ज कराये या ऑनलाइन www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं ।
हर रोज एक हजार से ज्यादा शिकायतें आ रही हैं
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में हर रोज एक हजार से ज्यादा लोग प्रतिदिन साइबर ठगी का शिकार हो रहे है। ये मोटा-मोटा अनुमान है। दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े मामलों को सुलझाने के लिए स्पेशल सेल के तहत आईएफएसओ यूनिट खोलने के अलावा हर जिले में एक साइबर पुलिस स्टेशन खोला गया है। दिल्ली पुलिस साइबर ठगी को लेकर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम करती रहती है।