उत्तरी पूर्वी जिला के जौहरीपुर एक्सटेंशन में शुक्रवार सुबह से हो रही बारिश के बीच एक दो मंजिला इमारत की छत भरभराकर नीचे गिर गई। छत में लोहे का गार्डर लगा था। दूसरी मंजिल की छत के पहली मंजिल पर गिरने के बाद उसकी छत भी भूतल पर गिर गई। इसमें इमारत में मौजूद दो महिला समेत दस लोग दब गए। छत गिरते ही वहां भगदड़ मच गई।
मौके पर पहुंचे लोगों ने दो लोगों को तुरंत मलबे से बाहर निकाल लिया और घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने मलबे से दो महिलाओं समेत छह और लोगों को बाहर निकालकर जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां तीन की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो मंजिला इमारत में एक कारखाना चल रहा था। इसमें नक्शा बनाने का काम होता था। कारखाने को दो सगे भाई गंगा विहार निवासी संजय शर्मा और मनोज शर्मा चला रहे हैं। इन दोनों के अलावा यहां पर जौहरीपुर निवासी सीमा, गंगा विहार निवासी वर्षा, गंगा विहार निवासी आनंद ठाकुर, सोनिया विहार निवासी चंद्रपाल, लोनी निवासी सूरज और हर्षित काम कर रहे थे। इन सभी को मलबे से निकाल लिया गया है। देर शाम तक दो लोग मलबे के नीचे दबे थे। राहत बचाव दल ने रात सवा आठ बजे दोनों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। निगम की टीम मलबा हटाने में जुटी है।
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि शुक्रवार सुबह 12:02 बजे जौहरीपुर एक्सटेंशन में इमारत मिलने की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और मलबे में दबे छह लोगों को बाहर निकाला। इससे पहले स्थानीय लोग दो लोगों को निकाल चुके थे। छानबीन में पता चला कि यहां पर 40-40 गज के दो इमारत हैं। जिस इमारत में काम हो रहा था। वह दो मंजिल का था, जबकि दूसरी इमारत पहली मंजिल तक है। पहली मंजिल वाली इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। दोनों इमारत 20 साल पुराना है। जिस इमारत में हादसा हुआ है, उसकी पहली मंजिल पर काफी मात्रा में सामान रखा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि अधिक भार की वजह से हादसा हुआ है।