-2017 में पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपी की गोली मारकर की गई थी हत्या, दोषी की अपील पर जनवरी 2027 में होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहिणी कोर्ट के बाहर 2017 में हुई गोलीबारी और हत्या में दोषी ठहराए एक युवक की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। घटना के समय युवक की उम्र 17 साल से अधिक थी, लेकिन वह नाबालिग था। उसे जनवरी 2026 में दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने की उसकी याचिका खारिज करते हुए मामले में दाखिल अपील को जनवरी 2027 में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने मंगलवार को दोषी की ओर से पेश दलीलें सुनने के बाद यह फैसला लिया। अदालत को बताया गया कि दोषी ने रोहिणी कोर्ट के बाहर पुलिस हिरासत में मौजूद एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की थी। अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि दोषी का नाम अन्य आपराधिक मामलों में भी शामिल है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोषी नीरज बवाना गिरोह से जुड़ा था। उसने रोहिणी कोर्ट के बाहर राजेश दुर्मथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।