- हाईकोर्ट ने कहा कि परिवार को कानून के अनुसार दी गई राहत, रिपोर्ट का है इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को साकेत कोर्ट परिसर में 9 जनवरी को आत्महत्या करने वाले 43 वर्षीय प्रशासनिक क्लर्क (अहलमद) हरीश सिंह महार की मौत के मामले में इस स्तर पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष जांच चल रही है और रिपोर्ट का इंतजार है। पीठ ने कहा कि परिवार को कानून के अनुसार राहत दी गई है। हमने तुरंत कार्रवाई की। कुछ भी कमी नहीं है। कोर्ट ने आगे कहा, कानून के तहत आगे की कार्रवाई जांच के नतीजे पर निर्भर करेगी। इस समय एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने का कोई आधार नहीं दिखता। हरीश सिंह महार ने 9 जनवरी को साकेत कोर्ट कॉम्प्लेक्स में एक इमारत से कूदकर कथित तौर पर काम के दबाव के कारण आत्महत्या की थी। पुलिस ने उनके पास से सुसाइड नोट बरामद किया था।