अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक स्वयंभू मौलवी और फेथ हीलर को 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से कथित यौन शोषण के मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकलपीठ ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपों की प्रकृति और गंभीरता, रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री तथा मुकदमे की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आरोपी को कोई राहत देने का आधार नहीं बनता। यह घटना 2019 की है, जब पीड़िता परिवार की 17 वर्षीय लड़की बीमार थी। परिवार वाले उसे बुरी आत्मा (जिन्न) के साया मानकर आरोपी के पास ले गए थे। आरोपी ने आध्यात्मिक इलाज के नाम पर नाबालिग के साथ कथित तौर पर यौन शोषण किया। आरोपी खुद को मौलवी और फेथ हीलर बताता था। परिवार ने विश्वास के आधार पर उसे बच्ची के इलाज के लिए बुलाया था, लेकिन आरोपी ने इस विश्वास का कथित रूप से दुरुपयोग किया।