अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के बारे में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई फर्जी और अश्लील सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने बिना अनुमति रनौत के नाम, छवि, आवाज, भाषण, व्यक्तित्व और अन्य पहचान संबंधी विशेषताओं का इस्तेमाल करने या उनका व्यावसायिक दोहन करने पर भी रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति विकास महाजन ने आठ अक्तूबर को पारित अंतरिम आदेश में मेटा को निर्देश दिया कि वह रनौत की ओर से चिह्नित आपत्तिजनक वीडियो, रील, पोस्ट, अकाउंट और चैनल को अपने प्लेटफॉर्म से हटाए या उन तक पहुंच बंद करे। यह कार्रवाई आदेश की प्रति मिलने के 72 घंटे के भीतर करनी होगी। अदालत ने दो सप्ताह के भीतर अनुपालन संबंधी शपथपत्र दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।