दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले देश भर में संचालित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन मादक पदार्थ तस्कर परवीन, मनोज और भीम को गिरफ्तार किया है। ये बरेली, यूपी से हेरोइन लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करते थे। इनके कब्जे से उत्तम गुणवत्ता वाली 1.55 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2.5 करोड़ बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 लाख रुपये की सोने व चांदी की जूलरी, 47.50 लाख रुपये नकद, मादक पदार्थों की तस्करी में प्रयुक्त एक महिंद्रा थार कार, एक मारुति स्विफ्ट, एक टीवीएस स्कूटी और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए है।
स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल के अनुसार, एसीपी वेदप्रकाश की देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद कुमार की टीम मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह पर काम कर रही थी। करीब पांच महीन की जांच के बाद पता लगा कि कुछ मादक पदार्थ तस्कर उच्च श्रेणी की हेरोइन की तस्करी करने में लगे हुए हैं। ये हेरोइन को दिल्ली, यूपी व हरियाणा में बेच रहे हैं। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार व राकेश कुमार की टीम ने सेक्टर, द्वारका की लालबत्ती पर घेराबंदी कर समालखा, दिल्ली निवासी परवीन, जीवन पार्क, उत्तम नगर, निवासी मनोज और सीतापुर, उत्तम नगर निवासी भीम को गिरफ्तार कर लिया। परवीन हेरोइन की खेप लेने आया था। मनोज व भीम खेप देने गए थे।
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वे एक अंतरराज्यीय नशीले पदार्थ सिंडिकेट का हिस्सा थे। आरोपी मनोज ने बताया कि वह हेरोइन बरेली में भाईजान नाम के मादक पदार्थ सप्लायर से खरीदता था। वह हेरोइन की खेप को दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर पहुंचा देता था। विभिन्न स्थानों पर मादक पदार्थ पहुंचाता था। आरोपी परवीन ने खुलासा किया कि वह मनोज और भीम से हेरोइन खरीदता था, और फिर इसे दिल्ली के समालखा स्थित अपने आवास से विभिन्न नशे के आदी लोगों को बेचता था। यूपी के बरेली के मुख्य सप्लायर की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
नशे के गोरखधंधे से अकूत संपत्ति जमा की
पुलिस को जांच में पता लगा है कि आरोपियों ने नशे के गोरखधंधे से अकूत संपत्ति जमा की है। इस संपत्ति से इन्होंने महंगी कारें खरीदीं। आभूषण व संपत्तियां खरीदीं। मनोज ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और आईटी क्षेत्र में काम करना शुरू किया। उसे व्यापार में घाटा हुआ तो ये हेरोइन की तस्करी करने लगा। वह यूपी के बरेली में अपने सप्लायर्स से हेरोइन खरीदता था। मनोज से मिलने के बाद भीम नशे के इस कारोबार में शामिल हो गया। मनोज उसे कमाई का 15 फीसदी हिस्सा देता था।