फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: उपहार सिनेमा हॉल की सील हटाने की मांग याचिका पर हुई सुनवाई, परिसर पर ऋण संबंधी दिया गया हलफनामा

Thu, 27 Jul 2023 07:19 PM IST
आकाश दुबे पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कंपनी के प्रतिनिधि विनोद कुमार कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग के समक्ष दायर हलफनामे में कहा है कि उपहार सिनेमा परिसर पर कोई निर्वाह शुल्क, बंधक या ऋण नहीं है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली की एक कोर्ट ने गुरुवार को उपहार सिनेमा हॉल की सील हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। बताया गया है कि ग्रीन पार्क एक्सटेंशन में स्थित परिसर पर कोई ऋण, निर्वाह शुल्क और बंधक नहीं है। सिनेमा हॉल की सीलिंग हटाने की मांग वाले आवेदन के समर्थन में एक हलफनामे में अंसल थिएटर्स और क्लब होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक सुशील अंसल और गोपाल अंसल की ओर से प्रस्तुतियां दी गईं।

विज्ञापन


थिएटर संपत्ति पर देनदारी या ऋण के संबंध में एसोसिएशन ऑफ विक्टिम्स ऑफ उपहार त्रासदी (एवीयूटी) की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति की आपत्ति के जवाब में यह हलफनामा दायर किया गया है। कंपनी के प्रतिनिधि विनोद कुमार कुमार ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग के समक्ष दायर हलफनामे में कहा है कि उपहार सिनेमा परिसर पर कोई निर्वाह शुल्क, बंधक या ऋण नहीं है। 

क्या है मामला?
13 जून 1997 को दिल्ली के उपहार सिनेमा में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 23 बच्चे थे। इस दिन उपहार सिनेमा में फिल्म 'बॉर्डर' लगी थी। यह फिल्म की रिलीज का पहला दिन था। चूंकि फिल्म देशभक्ति से जुड़ी थी इसलिए भीड़ भी ज्यादा थी। लेकिन दोपहर का शो देखने वाले दर्शकों के लिए यह दिन जीवनभर का दर्दनाक अनुभव दे गया। दोपहर करीब 4.55 बजे सिनेमा हॉल की पार्किंग में आग लग गई। धुआं फैलना शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह सिनेमा हॉल में पहुंच गया। हालात बिगड़ने शुरू हुए और लोग भागने लगे। कुछ तेजी के साथ ग्राउंड फ्लोर से बाहर निकलने लगे। कुछ इस कदर डरे हुए थे कि ऊपरी मंजिले की खिड़कियों से ही कूदना शुरू कर दिया। कई लोग अंदर ही फंस गए। धीरे-धीरे आग बढ़ने लगा और लोग इसकी चपेट में आने लगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें