फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहलवान यौन उत्पीड़न: याचिका पर कोर्ट ने जताई आपत्ति, बृजभूषण को FIR के खिलाफ नोट दाखिल करने को मिले दो हफ्ते

Thu, 29 Aug 2024 01:37 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

भाजपा नेता बृज भूषण शरण सिंह ने गुरुवार को उच्च न्यायालय के समक्ष दावा किया कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने के पीछे महिला पहलवानों का एक छिपा हुआ एजेंडा है।
विज्ञापन
बृजभूषण सिंह - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व भाजपा सांसद व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह की महिला पहलवानों की ओर से उनके खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को रद्द करने की याचिका पर प्रथम दृष्टया आपत्ति जताई।

विज्ञापन


हालांकि सिंह के वकील को संक्षिप्त नोट तैयार करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया और अगली सुनवाई 26 सितंबर को तय कर दी। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने बृहस्पतिवार को कहा, सिंह की याचिका उनके खिलाफ मुकदमा शुरू होने के बाद मामले को पूरी तरह से रद्द करने की एक अप्रत्यक्ष याचिका प्रतीत होती है।

जज ने सिंह से पूछा, आपने अपने खिलाफ आरोप तय करने के आदेश और कार्यवाही को चुनौती देने के लिए एक ही याचिका दायर करने का विकल्प क्यों चुना। हर चीज पर एक सर्वव्यापी आदेश नहीं हो सकता। यदि आप आरोप पर आदेश को रद्द कराना चाहते थे तो आप अलग से याचिका लेकर आ सकते थे। एक बार मुकदमा शुरू हो जाने के बाद यह एक अप्रत्यक्ष तरीका है।

जस्टिस कृष्णा ने फिर भी सिंह के वकील को दो सप्ताह में एक संक्षिप्त नोट तैयार करने को कहा। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस और शिकायतकर्ता पहलवानों ने कहा कि याचिका विचारणीय नहीं है। सिंह के वकील राजीव मोहन ने कहा, पूरा मामला एक छिपे हुए एजेंडे पर आधारित है और शिकायतकर्ता पहलवान उन्हें भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष पद से हटाना चाहती हैं।

कुल छह पहलवानों ने सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायतों के आधार पर पुलिस ने पूर्व सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उन पर यौन उत्पीड़न और पांच महिला पहलवानों की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें