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1984 Anti-Sikh Riots: सिख दंगे से जुड़े मामले में आज सुनवाई टली, सज्जन कुमार का बयान होना था दर्ज

Mon, 24 Mar 2025 02:51 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में आज सुनवाई को टाल दिया गया है। अब इस मामले की सुनवाई अगले महीने होगी।
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सज्जन कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में 1984 में सिख विरोधी दंगा से जुड़े मामले में आज सुनवाई टल गई है। राउज एवेन्यू कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 14 अप्रैल को होगी। मामले में आरोपी कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार का बयान दर्ज होना था। सज्जन कुमार अभी जेल में बंद हैं। उनके ऊपर कई और मामले चल रहे हैं। 

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पार्षद बनने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा
सज्जन कुमार शुरू से ही दबंग रहे हैं और इसी के चलते उनकी मुलाकात कांग्रेस नेता हीरा सिंह से हुई। उन्होंने ही दिल्ली के वेताज बादशाह कहे जाने वाले एचकेएल भगत के जरिए सज्जन को निगम पार्षद का टिकट दिलाया और सज्जन जीत भी गए। इसके बाद सज्जन ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसी दौरान संजय गांधी की नजर उन पर पड़ी।

दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री को दी मात
वर्ष 1977 में कांग्रेस की हालत खराब थी और कांग्रेस ने सज्जन कुमार को बाहरी दिल्ली से प्रत्याशी बना दिया। सज्जन ने अपने प्रतिद्वंदी और दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री रहे ब्रह्म प्रकाश को हरा दिया। इसी के साथ सज्जन कुमार की राजनीति में अहमियत बढ़ गई। इसके बाद दिल्ली दंगों के चलते कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया। हालांकि वर्ष 1991 के चुनावों में वे टिकट पाने में कामयाब रहे और जीत भी गए। उन्होंने भाजपा नेता साहिब सिंह वर्मा को हराया।
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2009 में इस वजह से कटा टिकट
इसी प्रकार कांग्रेस ने उन्हें 2004 में टिकट दिया और वे जीतने में कामयाब रहे। वर्ष 2009 के चुनावों में उन्हें टिकट दिया गया लेकिन एक सिख पत्रकार द्वारा कांग्रेस के तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर जूता फेंकने के बाद उनका टिकट काट दिया गया लेकिन सज्जन ने अपने भाई रमेश कुमार को टिकट दिलवा दिया और उसे जितवा भी दिया। इसके बाद रमेश कुमार 2014 के चुनावों में हार गए और सज्जन कुमार भी राजनीति से दूर चलते गए। दंगों के मामले में सजा के बाद से उनकी राजनीति धरातल पर चलती गई और अब वे दो मामलों में सजा काट रहे है।

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