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Delhi NCR News: यूपीआई में गुरुग्राम प्रदेश में अव्वल, 100 रुपये में 33 रुपये का डिजिटल कारोबार यहीं से

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- अगस्त में जिले में 18.77 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन, 21,018 करोड़ रुपये का लेनदेन
- प्रदेश के कुल यूपीआई कारोबार में 32.7 प्रतिशत हिस्सेदारी



शिवम राजपूत


गुरुग्राम।
यूपीआई से दो हजार रुपये से ज्यादा के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) की व्यवस्था से व्यापारी नाराज है। बता दें कि यूपीआई लेनदेन में गुरुग्राम प्रदेश में सबसे आगे बना हुआ है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में हुए कुल 64,236 करोड़ रुपये के यूपीआई कारोबार में अकेले गुरुग्राम की हिस्सेदारी करीब 32.7 प्रतिशत रही। अगस्त में जिले में 18.77 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन के जरिये 21,018 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। यानी प्रदेश में यूपीआई से खर्च किए गए हर 100 रुपये में करीब 33 रुपये का डिजिटल कारोबार गुरुग्राम में हुआ। प्रदेश में अगस्त में कुल 46.92 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए, जिनके जरिये 64,236 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। दो साल पहले अगस्त 2024 में प्रदेश में 32.89 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए थे। अगस्त 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 46.92 करोड़ हो गई। इस तरह दो साल में यूपीआई ट्रांजैक्शन में 42.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में यूपीआई से होने वाला कारोबार 46,509 करोड़ रुपये से बढ़कर 64,236 करोड़ रुपये हो गया। यूपीआई कारोबार में गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद दूसरे स्थान पर रहा। अगस्त में फरीदाबाद में 6.30 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए और इनके जरिये 7,820.24 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। गुरुग्राम और फरीदाबाद को मिलाकर प्रदेश के कुल यूपीआई कारोबार में इन दोनों जिलों की हिस्सेदारी करीब 44.9 प्रतिशत रही। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक जिलों में डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल अन्य जिलों की तुलना में काफी अधिक है। गुरुग्राम में कॉरपोरेट कार्यालयों, आईटी कंपनियों, मॉल, बाजारों, रेस्तरां, छोटे कारोबार और ऑनलाइन सेवाओं में यूपीआई भुगतान का व्यापक इस्तेमाल इसका बड़ा आधार माना जा सकता है। अगस्त में प्रदेश के कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा पांच जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार और पानीपत में रहा। इन पांच जिलों में कुल 30.50 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए और करीब 37,436 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यानी प्रदेश में यूपीआई के जरिये हुए कुल कारोबार का लगभग 58 प्रतिशत इन्हीं पांच जिलों में हुआ। इनमें गुरुग्राम सबसे आगे रहा। अकेले जिले में 18.77 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए, जो इन प्रमुख पांच जिलों के कुल ट्रांजैक्शन में भी बड़ी हिस्सेदारी है। वहीं, प्रदेश के कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन में भी गुरुग्राम की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रही। यूपीआई के इस्तेमाल के मामले में प्रदेश के कुछ जिलों में कारोबार का खासा संकेंद्रण दिखाई देता है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, हिसार और पानीपत के बाद करनाल, रेवाड़ी, झज्जर, अंबाला और रोहतक को शामिल करने पर प्रदेश के टॉप-10 जिलों में कुल 37.87 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए। यह प्रदेश में हुए कुल 46.92 करोड़ ट्रांजैक्शन का करीब 80.7 प्रतिशत है। इन 10 जिलों में करीब 48,120 करोड़ रुपये का यूपीआई कारोबार हुआ, जो प्रदेश के कुल 64,236 करोड़ रुपये के कारोबार का लगभग 74.9 प्रतिशत है। यानी प्रदेश के करीब तीन-चौथाई यूपीआई कारोबार का हिस्सा इन 10 जिलों में रहा। वहीं, प्रदेश में यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों में नाराजगी भी है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते दायरे के बीच व्यापारी संगठन इस तरह के शुल्क को कारोबार पर अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं।
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