अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण सिंघल की कोर्ट ने नशे की तस्करी मामले में सबूतों और गवाहों के आधार पर महिला को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि का भुगतान न करने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। महिला को डीएलएफ थाना पुलिस ने अवैध रूप से सुल्फा बेचते हुए पकड़ा था।
एएसआई हरजीत को 5 सितंबर 2020 को सूचना मिली थी कि गांव चक्करपुर बिजली बोर्ड के पास एक महिला उत्तराखंड निवासी अन्नू सुल्फा बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रही है। पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर मौके पर रेड कर महिला को काबू किया। मौके पर डीसी द्वारा नायब तहसीलदार बादशाहपुर रण सिंह को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके पर भेजा गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब जांच की गई तो महिला के पास करीब 900 ग्राम सुल्फा बरामद हुआ।
डीएलएफ थाना पुलिस ने केस दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई अदालत में चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए उनसे महिला पर लगे आरोप साबित हो गए, जिसके बाद अदालत ने सजा सुनाई है।