- वन स्टॉप सेंटर सखी के आंकड़ों से हुआ खुलासा, गैर राज्यों से संबंधित हैं ज्यादातर पीड़ित महिलाएं
- मिलेनियम सिटी में 20 से 40 वर्ष की उम्र वाली महिलाएं हो रहीं घरेलू हिंसा का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आमतौर पर मां, बेटी, बहन और पत्नी में गृहलक्ष्मी की संज्ञा पत्नी को दी जाती है। गृहलक्ष्मी यानी घर की लक्ष्मी। गृहलक्ष्मी को पूजनीय माना जाता है, लेकिन मिलेनियम सिटी में स्थित वन स्टॉप सखी सेंटर के आंकड़े कुछ और ही बयां कर रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि गुरुग्राम में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा, साइबर क्राइम, उत्पीड़न सहित अन्य आपराधिक मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अधिकतर महिलाएं घरेलू हिंसा व मारपीट की शिकायतें दर्ज कराने सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंच रही हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं 20 वर्ष से 40 वर्ष आयु के बीच की हैं।सखी सेंटर से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मार्च में 55, अप्रैल में 152, मई में 276 व 21 जून तक 25 महिलाओं ने मारपीट संबंधी शिकायतें दर्ज कराई हैं।
सिविल लाइंस स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर में दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की जाती है और मामले की तह तक जाकर समाधान व सुलह करवाई जाती है। इसके बाद मामले की मॉनिटरिंग भी की जाती है। आंकड़े यह भी बताते हैं कि अत्याचार की वजह ज्यादा बड़ी नहीं होती, बस मामूली विषय विवाद का कारण बन जाते हैं। पत्नी घर का खर्च चलाने के लिए पति का हाथ बंटाना चाहती है तो उसमें भी विवाद की स्थिति बन जाती है। कई मामले तो सिर्फ खाने के स्वाद को लेकर ही वन स्टॉप सेंटर तक पहुंच गए।
मार्च के बाद तेजी से बढ़े मामले :
सखी वन स्टॉप सेंटर में आई शिकायतों पर गौर करें तो सितंबर-2023 से 21 जून तक गुरुग्राम में 1334 महिलाओं ने विभिन्न मामलों में उत्पीड़न की शिकायत दी है। इनमें मार्च-2024 से बीती 21 जून तक 1107 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। सखी के रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों के अनुसार सितंबर-2023 में 50, अक्तूबर में 30, नवंबर में 25, दिसंबर में 27, जनवरी-2024 में 32, फरवरी में 63, मार्च में 149, अप्रैल में 355, मई में 549 और 21 जून तक 54 शिकायतें आई हैं।
छोटी-छोटी बातों पर हो रही तकरार :
कई मामलों में छोटी-छोटी बातों पर टोकना भी घरेलू तकरार का कारण बन रहा है। समय पर खाना ना बनाना, मोबाइल का ज्यादा प्रयोग, घर के काम ना करना, किसी बात पर बार-बार रोक-टोक सहित अन्य बातों पर पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़ जाता है। इसके साथ ही कई विवाहित महिलाओं द्वारा पति के परिवार वालों के साथ अच्छा सामंजस्य ना होना भी घरेलू झगड़ों का कारण बन रहा है। घर पर छोटे-छोटे झगड़े होने पर महिलाएं डायल 112, महिला हेल्पलाइन नंबर या सखी वन स्टॉप सेंटर पर शिकायत करती हैं।
बीते करीब चार माह की शिकायतें :
- इस साल मार्च में 149 महिलाओं की ओर से दी गई शिकायतों में से 55 शिकायतें मारपीट, 24 शिकायतें साइबर क्राइम, आठ शिकायतें मिसिंग, पांच शिकायतें दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट, 10 शिकायतें उत्पीड़न व 47 शिकायतें अन्य मामलों में की गई हैं।
- अप्रैल में 355 महिलाओं की ओर से दी गई शिकायतों में से 152 शिकायतें मारपीट, 21 शिकायतें साइबर क्राइम, नौ शिकायतें मिसिंग, दो शिकायतें दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट, 41 शिकायतें उत्पीड़न व 130 शिकायतें अन्य मामलों में की गई हैं।
- मई माह में 549 महिलाओं द्वारा दी गई शिकायतों में से 276 शिकायतें मारपीट, 23 शिकायतें साइबर क्राइम, 13 शिकायतें मिसिंग, एक शिकायत दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट, 86 शिकायतें उत्पीड़न व 150 शिकायतें अन्य मामलों में की गई हैं।
- बीती 21 जून तक 54 महिलाओं द्वारा दी गई शिकायतों में से 25 शिकायतें मारपीट, दो शिकायतें साइबर क्राइम, एक शिकायत मिसिंग, छह शिकायतें उत्पीड़न व 20 शिकायतें अन्य मामलों में की गई हैं।
वर्जन
सखी वन स्टॉप सेंटर पर घरेलू झगड़ों व उत्पीड़न मामलों का अपने स्तर पर काउंसलिंग करके निपटारा किया जाता है। साइबर क्राइम, दुष्कर्म या पॉक्सो एक्ट, यौन उत्पीड़न सहित अन्य गंभीर मामलों में पुलिस व अदालत का सहयोग लिया जाता है। डायल 112 पर मिलने वाली महिलाओं संबंधी शिकायतों की भी अब सखी सेंटर के माध्यम से ही कार्रवाई की जाती है। ऐसे में पिछले कुछ माह में सेंटर पर शिकायतों की संख्या बढ़ी है।
- पिंकी मलिक, प्रभारी, सखी वन स्टाॅप सेंटर, गुरुग्राम।