मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने अवैध क्लिनिक का किया भंडाफोड़
डेढ़ लाख नकद, अंग्रेजी दवाइयां, इंजेक्शन व लैब टेस्ट उपकरण बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीएलएफ फेज-3 थाना क्षेत्र के नाथूपुर में अवैध क्लिनिक का भंडाफोड़ कर फर्जी चिकित्सक को काबू किया है। आरोपी बिना डिग्री के क्लीनिक में मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा था। टीम ने मौके से 1,41,300 रुपये, अंग्रेजी दवाइयां, इंजेक्शन, डाॅक्टरी उपकरण व लैब टेस्ट उपकरण बरामद कर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता इन्द्रजीत सिंह के अनुसार, टीम को सूचना मिली कि गांव नाथूपुर में पूर्णिया क्लिनिक के संचालक द्वारा बिना वैध डिग्री के डाॅक्टर बनकर मरीजों का इलाज करके उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वह अपने क्लिनिक पर बीएएमएस जनरल फिजिशियन लिखकर मरीजों को धोखे से अपने क्लिनिक पर डाॅक्टर बनकर इलाज कर रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते का नेतृत्व करते हुए इंस्पेक्टर धर्मबीर सिंह ने मौके पर रेड की। जहां क्लिनिक में डाॅक्टर की कुर्सी पर बैठा एक व्यक्ति मरीजों को दवाइयां देता हुआ मिला। वह टीम को चिकित्सक संबंधित कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
फर्जी चिकित्सक ने क्लिनिक के बाहर बोर्ड पर अपना नाम डाॅ. मोहम्मद अनवर के साथ बीएएमएस जनरल फिजिशियन भी लिख रखा था। यही नहीं क्लिनिक में अलग से केबिन में तीन बेड डाले हुए थे। टीम को मौके पर रैक व डाॅक्टर की मेज पर काफी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयां, इंजेक्शन, डाॅक्टरी उपकरण व लैब टेस्ट के लिए प्रयोग मे आने वाले उपकरण व दराज में 1 लाख, 41 हजार 300 रुपये मिले। पूछताछ करने पर फर्जी डॉक्टर बने बिहार के किशनगंज निवासी मोहम्मद अनवर आलम ने बताया कि यह रकम उसने क्लिनिक पर आने वाले मरीजों को खुद को बीएएमएस डाॅक्टर बताकर वसूल की है। फर्जी डाॅक्टर कचरा निस्तारण का सर्टिफिकेट पेश नहीं कर सका और न ही क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज पेश कर सका। जिसके बाद टीम ने आरोपी को काबू कर डीएलएफ फेज-3 थाना में केस दर्ज करा कार्रवाई शुरू कर दी है।