अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले जैन संतों के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं
-सरकार मुनियों के खिलाफ खराब मानसिकता वाले लोगों को दिलाए कड़ी सजा
-कर्नाटक में जैन मुनि काम कुमार नंदी जी महाराज की हत्या का किया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। कर्नाटक में जैन मुनि कामकुमार नंदी महाराज की हत्या के विरोध में जैन समाज गुरुग्राम के प्रवक्ता अभय जैन एडवोकेट ने कहा कि दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले जैन संतों के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। जैन मुनियों पर हो रहे अत्याचार ठीक नहीं हैं। सरकारें इन घटनाओं पर रोक लगाने का काम करे। कानून व्यवस्था को बनाए रखना सरकारी तंत्र का पहला काम है।
उन्होंने कहा कि बेलगावी जिले में आने वाले चिक्कोडी तालुका के हिरेकोड़ी गांव स्थित नंदी पर्वत आश्रम में आचार्य कामकुमार नंदी जी महाराज पिछले 15 साल से रह रहे थे। बृहस्पतिवार को आचार्य काम कुमार नंदी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष भीमप्पा उगारे ने पुलिस में उनके लापता होने की शिकायत दी गई। एक युवक को हिरासत में लेने से खुलासा हुआ कि जैन मुनि जी की हत्या कर दी गई है। ऐसा कृत्य मानवता के खिलाफ है। जो जैन संत दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं। उनके खिलाफ ऐसी हिंसा जैन समाज किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं करेगा। जैन संतों ने सदा समाज को सही मार्ग दिखाया है। नेकी, भलाई का रास्ता दिखाया है। जैन संत समाज के लिए खुद को समर्पित करते हैं। उनका जीवन समाज के काम आता है। जैन संतों ने सदा ही नैतिकता की बात कही और नैतिक शिक्षा देकर पीढिय़ों को सही मार्ग दिखाया है। ऐसे संतों के खिलाफ कुछ भी कहना और करना व्यक्ति की मानसिक विकृति ही कहा जा सकता है। सरकारें इस पर सख्त एक्शन लें।
.................मयंक