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Gurugram News: छह गांवों के ग्रामीणों ने की सचिवालय पर नारेबाजी

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गांवों में नगर परिषद पटौदी मंडी से बाहर करने की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। नगर परिषद पटौदी मंडी में शामिल छह गांवों के ग्रामीणों ने उपमंडलीय सचिवालय पर नारेबाजी करते हुए पटौदी के एसडीएम संजीव कुमार को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद पटौदी मंडी से गांवों को बाहर करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मिर्जापुर, मिल्कपुर, खानपुर, हेड़ाहेड़ी, देवलावास और छावन गांव के ग्रामीण शामिल रहे। नगर परिषद पटौदी मंडी में सम्मलित किए गए गांवों के ग्रामीण पंचायती राज फिर से लागू कराने की मांग कर रहे हैं।
बता दे कि प्रदेश सरकार ने 23 जून 2022 को पटौदी नगरपालिका व हेलीमंडी नगरपालिका और दस गांवों को मिलाकर नगर परिषद पटौदी मंडी के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया था। नगर परिषद में मिर्जापुर, मिल्कपुर, खानपुर, हेड़ाहेड़ी, देवलावास, छावन, रामपुर, नरहेड़ा, जनौला और मुबारकपुर (बेचिराग) गांवों को शामिल किया गया। 20 मार्च को गांव जनौला के ग्रामीणों ने नगर परिषद पटौदी से बाहर करके गांव में पंचायती राज लागू करने की मांग की थी। जिसके बाद रामपुर के ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर परिषद से बाहर और पंचायती राज लागू करने की मांग की। सोमवार को छह गांवों से पुरुष व महिलाएं पटौदी के रेवाड़ी तिराहा पर एकत्रित होकर उपमंडलीय सचिवालय में नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
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ग्रामीणों ने एसडीएम संजीव कुमार से गांव में पंचायती राज लागू करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सत्यनारायण मिर्जापुर, धर्मपाल नंबरदार मिल्कपुर, पूर्व सरपंच प्रहलाद खानपुर, सतबीर देवलावास, अजीत छावन, देशराज, अरुण खानपुर, विजय हेड़ाहेड़ी, सजना, बिमला देवी, केशुराम, रमेश कुमार, दयानंद, निशा, पिंकी, वर्षा, नीलम, किरण देवी, रतीराम, ज्योति, सरोज, सतपाल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सतनारायण मिर्जापुर ने बताया कि मंगलवार से छावन मोड़ पर ग्रामीण शांतिपूर्वक धरने पर बैठेंगे।
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क्या कहते हैं वधायक पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने कहा है कि कुछ लोग पटौदी को पिछड़ा देखना चाहते हैं। ये लोग बार-बार पटौदी की तुलना बाढसा और बादली से करते हैं, जबकि पटौदी व मानेसर तो भविष्य के जिले हैं। बादली तो पूर्णतया तहसील भी नहीं बन पाई। पटौदी व मानेसर के अंदर मास्टर शहरी विकास प्लान आ चुका है। जहां पर मास्टर शहरी विकास प्लान है, वहां पर शहरी विकास ही लागू होता है। विधायक ने कहा कि पटौदी के कुछ लोग व कुछ गांव जो शहरी विकास प्लान में शामिल नहीं होना चाहते। उन पर शहरी विकास प्लान लागू हो या ना हो पर ग्रामीण विकास प्लान या एग्रीकल्चर ही लागू होना चाहिए। उसको पटौदी के मास्टर प्लान से बाहर रखा जाना चाहिए व पटौदी के विकास को लेकर किसी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

फोटो-12- पटौदी के एसडीएम संजीव कुमार को ज्ञापन सौंपते छह गांवों के ग्रामीण।
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