निगमायुक्त ने कहा- स्ट्रीट वेंडर को लाइसेंस जारी करते समय देखें कि सार्वजनिक बाधा तो पैदा नहीं हो रही
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने तय किया है कि शहर में स्ट्रीट वेंडिंग करने वाले लाइसेंस धारकों पर एक ही स्टाल हो। अगर किसी वेंडर पर दो या इससे अधिक स्टाल हैं तो उसका लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। उसका स्टाल किसी और को दे दिया जाएगा।
नगर निगम के आयुक्त पीसी मीणा ने अधिकारियों से कहा है कि स्ट्रीट वेंडर को लाइसेंस जारी करते समय सुनिश्चित किया जाए कि इससे किसी प्रकार की सार्वजनिक बाधा तो उत्पन्न नहीं हो रही है। इसके अलावा अगर किसी वेंडर पर एक से अधिक स्टाल है या उसने अपना स्टाल किसी को किराए पर दे रखा है तो ऐसे मामलों में जांच करके उन पर कार्रवाई करें।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान स्ट्रीट वेंडर्स का काम ठप हो गया था। उन्हें अपना काम दोबारा कराने के लिए सरकार द्वारा पीएम स्वनिधि योजना की शुरूआत की। इसके तहत रेहड़ी, पटरी व फड़ विक्रेताओं को बैंकों के माध्यम से 10 हजार रुपये लोन दिया जाता है। नगर निगम इसके लिए बैंकों के साथ तालमेल करवाता है। अधिकारी इस योजना में छोटे वेंडरों को शामिल करना सुनिश्चित करें, जिससे वह समाज की मुख्य धारा में आ सकें।