देश के सबसे लंबे और खूबसूरत एक्सप्रेसवे पर वाहनों का परिचालन औपचारिक विधिवत आरंभ करने का अनुभव राजेश ने तस्वीरों के साथ अपने कैमरे में संजो लिया। एनएचएआई के अधिकारियों की ओर से मिले उत्कृष्ठ सम्मान पर राजेश ने इन लोगों को साधुवाद किया।
हर प्रवेश और निकास पर मैसेज बोर्ड लगाए
यातायात निर्देशों के लिए हर प्रवेश और निकास पर मैसेज बोर्ड लगाए गए हैं। यह बोर्ड वाहन चालकों को उनके गंतव्य की ओर जाने में भी मददगार बनेंगे। इसके अलावा इन प्रवेश निकास पर वीडियो इंसीडेंड डिटेक्शन सिस्टम (वीआईडीएस) अपडेट किया गया है। अतिआधुनिक कैमरों के माध्यम से हर दुर्घटना और गतिविधि को ये कैद कर सकेंगे। इनकी मदद से रांग साइड आने वालों और प्रतिबंधित वाहनों पर लगाम लगाई जा सकेगी।
प्रति घंटा 500 वाहनों ने भरी रफ्तार
एक्सप्रेसवे पर अलीपुर और हिलालपुर से प्रति घंटे 500 के करीब वाहनों ने रफ्तार भरी। एनएचएआई ने औसत के लिहाज से पहले दिन करीब शाम पांच बजे तक आठ घंटे में हिलालपुर टोल से करीब 4530 वाहन गुजरे। फिलहाल यहां से गुजरने में निजी वाहन चालक ज्यादा रुचि ले रहे हैं। वाणिज्यिक वाहनों की अपेक्षा निजी वाहनों की संख्या ज्यादा रही।
टोल शुरू, जयपुर-दौसा के लिए देने होंगे 395 रुपये
एक्सप्रसेवे पर सफर शुरू करने के साथ ही टोल दरों को प्रभावी कर दिया है। पहला टोल देने वाला यात्री भी सोहना का राजेश ही बना। सफर के साथ ही यहां टोल वसूली आरंभ कर दी गई है। इस एक्सप्रेसवे से जयपुर जाने वालों को 395 रुपये एकतरफा यात्रा के चुकाने होंगे। अलीपुर से 181 किलोमीटर आगे भंडारराज तक टोल दर 395 रुपये होगी। भंडारराज से दौसा की दूरी आठ किलोमीटर है। यहां बनाए गए निकास से दौसा और जयपुर की ओर जा सकेंगे। यहां से इस एक्सप्रेसवे को दौसा से आगरा-जयपुर हाईवे पर मिलाया गया।
अलीपुर से खलीलपुर तक सबसे महंगा टोल
इस एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग दूरी के लिए टोल दर औसत अलग-अलग है। अलीपुर से 228 किलोमीटर बड़कापारा तक वाहन चालक को प्रति किलोमीटर 2.19 रुपये औसत से 500 रुपये चुकाने होंगे। जयपुर-दौसा जाने के लिए भंडारराज तक 181 किलोमीटर के 2.18 रुपये की औसत से 395 रुपये टोल लगेगा। अलवर जाने के लिए 129 किलोमीटर पिनान तक 2.24 रुपये की औसत से 290 रुपये टोल लिया जाएगा। इस एक्सप्रेस पर अलीपुर से खलीलपुर तक सबसे महंगी औसत से टोल की अदायगी करनी होगी। अलीपुर से 19.8 किलोमीटर आगे खलीलपुर तक 4.73 रुपये की औसत से 90 रुपये टोल लगेगा। एनएचएआई के अनुसार अलीपुर से खलीलपुर के हिस्से में खर्च औसत ज्यादा है। एनएचएआई के नियम के मुताबिक टोल दरें ढांचागत सुविधाओं के लिहाज से तय की जाती हैं। इस हिस्से में तीन ब्रिज और तीन फ्लाईओवर हैं। इसी कारण यहां टोल दर का औसत ज्यादा है।
ग्रामीणों को नहीं मिलेगी छूट
इस एक्सप्रेसवे पर केवल नियम के तहत आने वाले सरकारी वाहनों को टोल से छूट मिलेगी। आसपास के ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई छूट नहीं मिलेगी। आमतौर पर हाईवे के टोल प्लाजा पर एक निश्चित दूरी के ग्रामीणों को टोल में छूट प्रदान की जाती है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे पर किसी प्रकार की छूट प्रभावी नहीं होगी।
दो एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर
सोहना से दौसा तक दो एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर बनाए गए हैं। एक सोहना के अलीपुर में और दूसरा राजस्थान के दौसा में। अलीपुर से हरियाणा की सीमा के 78 किलोमीटर हिस्से की निगरानी की जा सकेगी। हरियाणा का हिस्सा नूंह जिला के फिरोजपुर से थोड़ा खत्म होता है। यहां से दौसा के सेंटर से निगरानी होगी। सेंटर में पूरा कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां हर सीसीटीवी कैमरे, वीआईडीएस और स्पीड कैमरा को कनेक्ट किया गया है।
मार्शल तैनात किए गए
एक्सप्रेसवे पर वाहनों का परिचालन शुरू होते ही यहां प्रतिबंधों की निगरानी कड़ी कर दी गई है। हर प्रवेश और निकास के अलावा विभिन्न स्थानों पर मार्शल तैनात किए गए हैं। यह मार्शल टोल कलेक्शन कंपनी की ओर से लगाए गए हैं। दौसा तक 300 से अधिक मार्शल तैनात किए गए हैं।
सुबह आठ बजे से पहले एक्सप्रेसवे पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। सफर के साथ टोल कलेक्शन भी शुरू हो गया है। अभी यातायात का दबाव कम है। प्रतिघंटा 500 वाहनों की आवाजाही हो रही है। आने वाले दिनों में यह बढ़ेगी। -जयवर्धन सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई