प्लाॅट लीज लेकर खोला था रेस्टोंरेंट, 2020 से किराया देना कर दिया था बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश माेना सिंह की अदालत ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से सेक्टर-29 में वाटिका कंपनी को दिए गए प्लाॅट के लंबित किराये का आधा किराया करीब 1.69 करोड़ रुपये 15 दिन के अंदर कंपनी को विभाग में जमा कराना का आदेश दिया है। वाटिका कंपनी ने सेक्टर-29 में एचएसवीपी से प्लाॅट लेकर पिंड बलूची रेस्टोरेंट बनाया था। कंपनी पर 3.38 करोड़ रुपये के किराये की देनदारी है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विवेक वर्मा ने बताया कि वाटिका कंपनी ने विभाग से सेक्टर-29 में प्लाॅट को 2014 में लीज पर लिया था। इसके बाद 2017 में दोबारा से लीज को बढ़ा दिया गया था। 2020 में कंपनी की तरफ से किराया देना बंद कर दिया गया था। विभाग की तरफ से रेस्टोरेंट को सील करने पर कंपनी ने अदालत में याचिका दायर की गई। अदालत के आदेश पर सील को हटा दिया गया था।
किराये की देनदारी 17 सितंबर 2021 तक बढ़कर 1.96 करोड़ रुपये हो गई थी। अप्रैल 2024 तक यह किराया 3.38 करोड़ रुपये हो गया था। इसके बाद 15 अप्रैल 2024 को निचली अदालत ने कंपनी से स्टे हटाया दिया था। दोबारा स्टे लेने के लिए वाटिका कंपनी की तरफ से ऊपरी अदालत में याचिका दायर की गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कंपनी को स्टे देते हुए 15 दिन के अंदर आधा किराया विभाग के खाते में जमा करने का आदेश दिया है।