जिले के करीब 200 ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य विभाग के न्यौते पर गदर 2 फिल्म देखने पहुंचे
फिल्म देखन से पहले स्क्रीनिंग प्रोग्राम चलाया, एचआईवी और टीबी की जांच कीअमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग के न्यौते पर जिले के करीब 200 ट्रांसजेंडर बृहस्पतिवार को गदर 2 फिल्म देखने पहुंचे। दोपहर एक बजे तक पूरा थियेटर भर गया। फिल्म शुरू होने से पहले ट्रांसजेंडर स्क्रीनिंग प्रोग्राम चलाया गया। एचआईवी पीड़ितों की पहचान और टेस्ट के लिए विभाग ने यह अनोखा तरीका निकाला।
स्वास्थ्य विभाग ने इस मुहिम से पहले बीते 12 वर्ष के डेटा का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि जिले में वर्ष 2012 से 2023 (अगस्त) तक मात्र चार ट्रांसजेंडर एचआईवी संक्रमित मिले। इधर, संक्रमण की एहतियाती जांच के लिए भी यह वर्ग कम ही सामने आया। ऐसे में विभाग ने ब्रांड एंबेसडर थीम बनाते हुए प्रत्येक डेरा से मुख्य प्रतिनिधियों को मूवी देखने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान न केवल उन्हें मनोरंजन का मौका मिला बल्कि विभाग ने मुहिम अनुसार उन्हें अलग-अलग बीमारियों के प्रति जागरूक किया। साथ ही एचआईवी और टीबी जैसी घातक बीमारियों के लिए टेस्ट भी मौके पर ही किया।
एचआईवी के साथ मानसिक स्वास्थ्य और मधुमेह की जांच
एस्पलेनैड मॉल में दिखाई गई गदर-2 फिल्म का समय विभाग ने दोपहर एक बजे रखा। उधर ट्रांसजेंडर को सुबह साढ़े 11 बजे आने का निमंत्रण दिया गया। इस दौरान न सिर्फ विभाग की ओर से उन्हें जागरूक किया गया बल्कि एचआईवी के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, शुगर, बीपी और टीबी सहित लेप्रोसी की निशुल्क जांच की। विभाग ने अलग अलग डेरे से आए प्रमुख ट्रांसजेंडर को स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर भी बनाया।
वर्ष, पुरुष जांच, महिला जांच, कुल संक्रमित, ट्रांसजेंडर संक्रमित
2018, 10999, 27926, 300, 00
2019, 10442, 26683, 142, 00
2020, 9928, 20700, 87, 03
2021, 21282, 36136, 121, 00
2022, 27686, 39995, 224, 01
2023, 1076, 1024, 16, 00
सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय का संदेश देने की कोशिश
ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने की मुहिम है। ट्रांसजेंडर को स्वास्थ्य लाभ देने के साथ फिल्म देखने का मौका दिया गया। विभाग की ओर से 200 ट्रांसजेंडर चुने गए। यह अलग अलग डेरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रयास है कि यह सभी अन्य को स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। जिससे समाज में सर्व जन हिताय सर्व जन सुखाय का संदेश दिया जा सके।
- वीरेंद्र यादव, सिविल सर्जन, गुरुग्राम