अदालत ने पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया
2010 में गांव टिकली में जमीन को लेकर हुए विवाद में तीन लोगों के साथ की थी मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बादशाहपुर थाना क्षेत्र के गांव टिकली में अप्रैल 2010 में एक विवाद में पुलिस को शिकायत करने पर तीन लोगों के साथ मारपीट करने के मामले में जिला अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दो साल की कठोर कारावास की सजा दी है। यह आदेश अतिरिक्त जिला सत्र एवं न्यायाधीश फलित शर्मा की अदालत ने दिया है। इस मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
गांव टिकली निवासी नरेंद्र ने बताया कि गांव के ही रहने वाले सतबीर व सत्यप्रकाश के साथ एक 700 गज के प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था। वह प्लाट उन्होंने खरीदा हुआ है। इसी को लेकर चार अप्रैल 2010 को सतबीर, सत्यप्रकाश व मित्रसेन खेत से आ रहे पिता के साथ गाली-गलौज करने लगे। जब इसको लेकर पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत से खफा होकर आरोपियों ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उसके घर पर हमला कर दिया। हमले के समय वह अपने छोटे भाई धर्मेंद्र व दोस्त राजेश के साथ मौजूद थे। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला किया था। इसके बाद परिजनों ने घायल को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था।
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में टिकली निवासा सतबीर ,सतीश,सुनील व सोनू पुत्र सतबीर के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया । सुनवाई के दौरान इस मामले में वेद प्रकाश, सत्य प्रकाश राकेश अनिल व सोनू पुत्र वेद प्रकाश को भी आरोपी बनाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी सतबीर,सतीश व सुनील की मौत हो गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोनू पुत्र सतबीर को दोषी करार देते हुए अन्य को बरी कर दिया था। पांच आरोपियों को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। अदालत ने दोषी सोनू को दो साल की कठोर कारावास की सजा दी है।