डीसीपी साउथ सिद्धांत जैन ने बताया कि इस उपद्रव को लेकर चार मामले दर्ज किए गए हैं। जहां कुछ उपद्रवी हिरासत में भी लिए है। इसके अलावा एसीपी नवीन कुमार ने फ्लैग मार्च के दौरान देर शाम धारा 144 के तहत बाइक पर घूम रहे कुछ युवकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया। उनकी बाइक शहर थाना सोहना में इंपाउंड कर दी है।
नूंह से सोहना पहुंची सांप्रदायिक टकराव की तपिश के चलते जिला प्रशासन ने जिले के संवेदनशील कस्बे सोहना, मानेसर और पटौदी में मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया है। जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से किसी प्रकार की फेंक न्यूज, अफवाह या भड़काऊ भाषण आदि का प्रसार न हो, इसके लिए यह कदम उठाया है। इसके अलावा जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने जिले के लोगों से कहा है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जिला प्रशासन द्वारा सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाई जा चुकी है। शहरवासी सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में जिला प्रशासन का सहयोग करें। उपायुक्त ने कहा कि जिले में लोगों के आवागमन को लेकर किसी प्रकार की मनाही नहीं है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-144 लगाई गई है, जोकि आगामी आदेशों तक जारी रहेगी।
नूंह हिंसा पर हरियाणा सरकार का मानना है कि इस हिंसा में नूंह क्षेत्र से बाहर के लोग भी शामिल हैं। फिलहाल, हिंसा को लेकर कुल 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 70 लोगों को नामजद करते हुए हिरासत में लिया गया है। दंगे में शामिल स्थानीय और बाहरी लोगो की वीडियो फुटेज और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कहना है कि इस षड़यंत्र में कोई भी शामिल रहा हो, उसको बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद से डीजीपी पीके अग्रवाल और सीआईडी चीफ आलोक मित्तल ने नूंह में डेरा डाल लिया है। वहीं, केंद्र से मांगी गई 20 कंपनियों में से 16 कंपनियां मेवात पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही हरियाणा की 30 पुलिस कंपनियां मौके पर पहुंच गई हैं और आस-पास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को यहां पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से भी मुख्य सचिव से प्रदेश के हालात को लेकर फीडबैक लिया।