दोषियों पर अदालत ने लगाया 40 हजार रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत ने करीब 10 साल पहले फर्जी जीपीए कराकर प्लॉट बेचने वाले अनिल व मनोज को चार साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विक्रांत की अदालत ने आदेश दिया है। जुर्माना न भरने पर छह महीने की अतिरिक्त कारावास सजा दी जाएगी।
जिला सहायक न्यायवादी हिमांशु यादव ने बताया कि सेक्टर-46 निवासी पुलिस को 30 मई 2012 को शिकायत देते हुए कहा था कि बलवान सिंह और सतबीर ने कागजों में गड़बड़ी कर कन्हैई गांव में एक प्लॉट बेच दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की तो सामने आया कि उन्हें यह सतबीर और बलवान सिंह को यह प्लॉट बेचने वाले ने नोएडा से फर्जी जीपीए बनाकर बेच दी थी।
इस मामले में बलवान सिंह निर्दोष पाए गए तो पुलिस ने ही उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। सतबीर यादव की मौत मामला दर्ज होने से पहले ही हो गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि फर्जी जीपीए बनाने के मामले में मनोज व अनिल की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अजय शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया।
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान अजय शर्मा को निर्दोष पाया। इसके साथ ही अदालत ने मनोज और अनिल कुमार को गवाह व सबूतों के आधार पर दोषी करार दिया। अदालत ने माना की अनिल कुमार ने प्लॉट के असली मालिक बताते हुए जीपीए कर ली थी। इस पर अदालत ने दोषियों को ठगी के दो धाराओं में अलग-अलग दो साल की सजा सुनवाई। इसके साथ ही अदालत ने दोनों सजा को अलग-अलग चलाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।