बदलते मौसम के साथ वायरल फ्लू युवाओं और गर्भवतियों पर हो रहा हावी
विशेषज्ञ मौसम बदलने, प्रदूषण, कामकाज का तनाव और एसी बता रहे मुख्य वजह
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बदलते मौसम के साथ वायरल फ्लू युवाओं और गर्भवतियों पर हावी हो रहा है। लोगों का गला जाम हो रहा है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। विशेषज्ञ इसकी मुख्य वजह मौसम में आए बदलाव के अलावा प्रदूषण, कामकाज का तनाव और एयर कंडीश्नर बता रहे हैं। ज्यादातर को खांसी, कफ, बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इन मरीजों की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव मिल रही है।
सिविल अस्पताल में ऐसे वायरल मरीजों में तेजी आई है। ज्यादातर मरीजों में युवा ही वायरल फ्लू का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों वायरल फ्लू के सभी लक्षण कोरोना से मिलते हैं। एक दिन में जिला नागरिक अस्पताल की सामान्य रोग ओपीडी में करीब 150 मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें से 70 फीसदी मरीज वायरल फ्लू से पीड़ित हैं।
इसी तरह निजी अस्पतालों की ओपीडी भी वायरल पीड़ितों से भरी हुई है। ज्यादातर मामलों में सामान्य रोग विशेषज्ञ हर दिन ओपीडी में 50 फीसदी से अधिक वायरल पीड़ितों का उपचार कर रहे हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चे दो सप्ताह से अधिक खांसी के अलावा गंभीर निमोनिया जैसे लक्षण के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।
वायरल फ्लू से पीड़ित कई मरीज कोरोना जांच कराना नहीं भूल रहे। मणिपाल अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहित सारन ने बताया कि हर दिन 60 फीसदी वायरल पीड़ित अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसमें बदलते मौसम, प्रदूषण, तनाव और इन दिनों एसी का इस्तेमाल प्रमुख कारण हैं। जिला डेंगू मलेरिया रोकथाम विभाग के प्रभारी डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि वायरल फ्लू के मामले इन दिनों दो से तीन गुना हो गए हैं। डेंगू के मामले भी इन दिनों हावी हैं। ऐसे में लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। प्रयास करें कि पूरी तरह से शरीर ढंककर रखें।