ड्यूटी जाने के लिए सड़क किनारे खड़े युवक को बनाया था शिकार
30 हजार नकदी लूटी, धमकी देकर भाई से खाते में डलवाए थे 20 हजार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कर्मचारी का अपहरण करके लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूट में प्रयोग की गई कार व नकदी बरामद की गई है। मामले में अपराध शाखा सेक्टर-17 की पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से लूट करने वाले तीनों आरोपियों को कटारिया चौक पर घेरकर पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान करतार (23) निवासी गांव डूंगरी, नूंह, कुलदीप ग्रेवाल (28) निवासी गांव साशोली, झज्जर व दीपक (26) निवासी गांव उरलाना, जिला पानीपत के रूप में हुई। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने लूट के पांच अन्य मामले भी कबूल किए है। वर्तमान में तीनों आरोपी गुरुग्राम में अलग-अलग स्थानों पर किराये पर रहते थे।
पुलिस के मुताबिक, एक व्यक्ति ने शिकायत देकर बताया था कि वह बीती तीन अप्रैल की सुबह साढ़े चार बजे ड्यूटी जाने के लिए सड़क किनारे गाड़ी का इंतजार कर रहा था। तभी उसके पास सफेद रंग की कार आकर रुकी। कार में तीन युवक सवार थे। उन्होंने पता पूछने के बहाने कार के अंदर खींच लिया और मारपीट करके हाथ बांधकर सीट के बीच में डाल दिया। इसके बाद उसकी जेब से 30 हजार रुपए लूट लिए। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर पीड़ित के भाई से खाते में 20 हजार रुपये डलवा लिए। इस बीच करीब 2 घंटे तक गाड़ी में घुमाने के बाद हाईवे पर फेंककर फरार हो गए। सोहना सदर थाना पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस आरोपियों को छह दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई कार और 15 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
जल्दी रुपये कमाने के लिए करने लगे लूटपाट
पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि तीनों पहले एक कंपनी में रिकवरी एजेंट का काम करते थे। इसी दौरान इनकी आपस में दोस्ती हुई। तीन दोस्त आसानी से जल्दी रुपये कमाना चाहते थे। इसलिए लूट करने की योजना बनाई। योजना के तहत आरोपी कुलदीप अपने भाई की आई-20 कार लेकर आया और उससे लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने लूट की कुल पांच वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। इनमें से एक वारदात महिपालपुर (दिल्ली) में और चार वारदात गुरुग्राम में की गई हैं।