आरएमसी मिक्सचर वाहन के नीचे आने से मजदूर की हुई थी मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत ने गैर इरादतन हत्या के तीन आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष इस मामले में कोई ठोस सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर सका। इसी आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोना सिंह की अदालत ने आरोपी विजय प्रताप चौहान, भगवती प्रसाद और भगवान को बरी करार दिया ।
16 जनवरी 2019 को शिकायतकर्ता राज कुमार ने थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में पुलिस को सूचित किया कि सुशांत लोक फेज-1 में आरएमसी की गाड़ी पलट गई और एक मजदूर नीचे फंस गया है। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और क्रेन की मदद से गाड़ी को हटाया गया। पूछताछ में पता चला कि सुशांत लोक फेज-1 में चल रही एक साइट पर कमल, राजकुमार और बिलास नामक श्रमिक काम कर रहे थे। रात करीब साढे़ दस बजे वहां आरएमसी वाहन पहुंचा। जिसे उसके चालक ने एक जगह खड़ा कर दिया। वहां पर जमीन दलदली थी। इससे आरएमसी वाहन एक ओर को झुक गया। मजदूरों द्वारा बार-बार कहने के बावजूद चालक ने उसे दूसरी जगह खड़ा नहीं किया। इसी कारण रात करीब 11:30 बजे आरएमसी वाहन पलट गया और कमल नामक मजदूर उसके नीचे दब गया।
पुलिस ने अपनी जांच में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी दलील में कहा कि उसके मुव्वकिल को पैसों की वसूली के लिए झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ अपना मामला साबित करने के लिए दस गवाहों से पूछताछ की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की चर्चा सुनने के बाद आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।