छह साल के बेटे हितेश ने दी चिता को दी मुखाग्नि, मां, पत्नी व बहन का रो-रोकर बुरा हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जम्मू-कश्मीर के लेह लद्दाख में शनिवार को शहीद हुए नूंह जिले के संगेल निवासी तेजपाल सिंह के पार्थिव शव का सोमवार को सैनिक राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा शहीद का शव गांव पहुंचा तो लोगों ने पुष्प वर्षा के साथ नम आंखों से शहीद का सम्मान किया। शहीद तेजपाल के छह वर्षीय बेटे हितेश ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो सैनिकों ने सलामी दी।
इससे पहले नूंह अनाज मंडी में बड़ी सख्या में संगेल, उजीना, कुर्थला सहित कई गांवों के लोग शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए इकट्ठा हुए। इस दौरान देशभक्ति के प्रति युवाओं में खासा जोश नजर आया और वो अपनी बाइक, गाड़ी व ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगाकर अपने लाडले शहीद को लेने गांव से करीब पंद्रह किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचे। इस यात्रा में हिंदू-मुस्लिम एकता भी नजर आई। करीब ढाई बजे शहीद का शव नूंह पहुुंचा। वहां शहर के लोगों के साथ-साथ ग्रामीणों ने तेजपाल सिंह अमर रहे के नारे लगाते हुए उनके अंतिम दर्शन किए। रास्ते में जो भी गांव पड़े, सभी ने शहीद की गाड़ी पर पुष्प वर्षा की। जैसे ही यह काफिला उजीना गांव पहुंचा तो वहां महिला, स्कूली बच्चों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी ने हाथों में तिरंगा लेते हुए देश के लिए जान गंवाने वाले शहीद पर पुष्प वर्षा की। शहीद का शव उसके घर पहुंचा तो वहां शहीद की पत्नी, मां व बहन के अलावा अन्य महिलाएं आपा खो बैठीं। यहां का नजारा देख हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। इस दौरान शहीद तेजपाल के दो बेटे भी वहीं मौजूद थे। जिन्हें देखकर हर कोई उन्हें छोड़ जाने की बात कह रहा था।
इतना ही नहीं, छह वर्ष के बड़े बेटे हितेश को यह जानकारी नहीं थी कि अब उनके पिता इस दुनिया में नहीं रहे। वो एक सामान्य भाव से सबको देख रहा था तो परिजन उसको देख-देखकर बिलख रहे थे। पत्नी और मां को रो-रोकर बुरा हाल था। तेजपाल की अंतिम विदाई में उसका बेटा अपने नाना की उंगली पकड़कर श्मशानघाट तक पहुंचा और पिता को अंतिम विदाई देते हुए पुष्प चक्र अर्पित करते हुए मुखाग्नि दी। इस दौरान राजकीय सम्मान में उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा, एएसपी उषा, विधायक आफताब अहमद नूंह, विधायक संजय सिंह सोहना, पूर्व विधायक एवं हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल, सुरेंद्र उर्फ पिंटू, जयपाल कुर्थला सहित सेना के अधिकारी मौजूद थे। बता दें कि 30 वर्षीय तेजपाल 2012 में फौज में भर्ती हुआ था। उसके दो लड़के हैं, बड़े बेटे हितेश की उम्र 6 वर्ष तथा छोटे बेटे लव की उम्र 3 वर्ष है। तेजपाल लांस नायक के पद पर था।
फोटो- अपने पिता को सेना के जवानों के साथ अंतिम विदाई देता हुआ है वर्ष का बेटा हितेश।
- घर से शहीद के पार्थिव शव को ले जाते सेना के जवान व परिजन।