निदेशालय के निर्देश पर जर्जर इमारतों की तैयार की जा रही सूची
गुरुग्राम में 8 और फर्रुखनगर व पटौदी उपमंडल में 17-17 स्कूलों की इमारतें जर्जर
पुराने व जर्जर कमरों व भवनों को तोड़ने के लिए कराया जा रहा ऑक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिल्ली से सटे हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में 40 से ज्यादा सरकारी स्कूलों की इमारत जर्जर हो चुकी हैं। यह वे सरकारी स्कूल हैं जिनके भवन व कमरे 50 से 60 साल पहले बनाए गए थे। इन कमरों को कंडम घोषित करने के उपरांत अब इनको तोड़ने के लिए ऑक्शन कराया जा रहा है। गुरुग्राम खंड में नौ सरकारी स्कूलों के कमरे, फर्रुखनगर व पटौदी खंड में 17-17 स्कूलों में अलग-अलग संख्या में जर्जर कमरों को कंडम घोषित किया गया है। सोहना खंड के स्कूलों में कंडम कमरों संबंधी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जिले के चारों खंडों में कई सरकारी स्कूलों में 50 से 60 साल या इससे भी अधिक पुराने कमरे व भवन हैं। इनकी स्थिति जर्जर होने के बाद इनको कुछ माह पहले कंडम घोषित किया जा चुका है। कुछ स्कूलों में एक या दो कमरे हैं, तो कुछ स्कूलों में कई कमरे या पूरा ब्लॉक ही जर्जर हो चुका है। जो कमरे पुराने व जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें अब ऑक्शन करवाकर तोड़ा जाएगा। पुराने कमरों को तोड़कर इनकी जगह नए कमरे बनाए जाएंगे। ऑक्शन कराने के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग को एस्टीमेट के लिए स्कूलों के जर्जर कमरों की सूची भेजी गई है।
गुरुग्राम के चाराें खंडों में 578 राजकीय स्कूल हैं। इनमें प्राथमिक, मिडिल, माध्यमिक व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। इनमें से कई स्कूलों की नई इमारत बनाने का जारी है। कुछ स्कूल ऐसे हैं, जिनका ऑक्शन होना अभी बाकी है। विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने पर कार्य किए जा रहे हैं। कई स्कूलाें में नए कमरे, भवन बनाकर सौंपे जा चुके हैं।
गुरुग्राम खंड के स्कूल
गुरुग्राम खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खेड़की दौला स्कूल में दो कमरे, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भीमनगर में 13 कमरे, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कार्टरपुरी में दो कमरे, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल मानेसर में चार कमरे, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल ग्वाल पहाड़ी में 21 कमरे कंडम घोषित किए गए हैं। राजकीय प्राथमिक स्कूल धर्मपुर में तीन कमरे, राजकीय मिडिल स्कूल धर्मपुर में छह कमरे, राजकीय प्राथमिक स्कूल गढ़ी हरसरू में एक कमरा कंडम घोषित किया गया है।
वर्जन
जिले के चारों खंडों में स्कूलों के जर्जर कमरों की रिपोर्ट तैयार करके इनकों तोड़ने संबंधी ऑक्शन कराया जा रहा है। बच्चों को दूसरी कक्षाओं के कमरों में बैठाया जा रहा है। शिक्षा विभाग को स्कूलों में जरूरत के अनुसार कमरे बनवाने की डिमांड भी भेजी जाएगी। विभाग की ओर से बजट जारी होने व अनुमति मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएंगी।
- सरोज दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।