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Gurugram News: विरोध की चिंगारी सुलगा गई यात्रा, चुनावों में घट सकती है सीटों की मात्रा

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विरोध की चिंगारी सुलगा गई यात्रा, चुनावों में घट सकती है सीटों की मात्रा
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-यात्रा के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ कई जगह हुई नारेबाजी
- सोहना विधायक के गांव में फूंका गया मुख्यमंत्री का पुतला

संजय शिशौदिया
गुरुग्राम। सावन में होने वाली ब्रजमंडल की जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुई हिंसा के बाद से प्रदेश सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि भाजपा के ही कट्टर समर्थक मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। सोमवार को भी मुख्यमंत्री के खिलाफ कई जगह लोग नारेबाजी करते दिखे। लोगों के बीच नाराजगी के यह संकेत आने वाले नगर निकाय और विधानसभा चुनाव के लिए अच्छे नहीं हैं। माना जा रहा है कि यात्रा का यह पूरा प्रकरण आने वाले चुनाव में भाजपा की सीटों की मात्रा घटा सकता है।
सावन के आखिरी सोमवार को नूंह में 51 सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल की ओर से तीनों मंदिरों में जलाभिषेक करके बीती 31 जुलाई को हुई हिंसा के दौरान अधूरी रह गई यात्रा को पूरी करने का काम किया है। तावडू में होने जा रहे जी-20 सम्मेलन से पहले शांतिपूर्ण तरीके से इस पूरे प्रकरण का पटाक्षेप होने से पुलिस-प्रशासन ने भी चैन की सांस ली है, लेकिन सरकार की परेशानी का अंत अभी होता नजर नहीं आ रहा। करीब एक माह तक चले इस पूरे प्रकरण में ज्यादातर लोगों ने प्रदेश सरकार पर ढिलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
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सावन के अंतिम सोमवार को यात्रा के दौरान लोगों की प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी सामने आई। सोहना से भाजपा विधायक कुंवर संजय सिंह के गांव उजीना में लोगों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला फूंककर अपना रोष प्रकट किया। बाबा प्रकाशपुरी आश्रम में जलाभिषेक करने पहुंची भाजपा की जिलाध्यक्ष गार्गी कक्कड़ के सामने भी आश्रम में मौजूद लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदेश में मुख्यमंत्री की जो कार्यशैली इस पूरे प्रकरण में रही है, उससे लोगों का विश्वास गिरा है। मौजूदा समय में कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा हुआ है। कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न होता है तो उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। प्रदेश सरकार की इस कार्यशैली का खामियाजा आने वाले चुनावों में पार्टी के प्रत्याशियों को भुगतना पड़ सकता है। - कुलभूषण भारद्वाज, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष भाजपा एंव अधिवक्ता
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युवाओं में रोष जहां अपनी जगह है, वहीं मुख्यमंत्री का नजरिया अपनी जगह है। मुख्यमंत्री एक संवैधानिक पद है। प्रदेश की पूरी जनता को वह एक नजर से देखते हैं। कुछ समर्थकों में अभी रोष है, लेकिन उन्हें समझा लिया जाएगा। यह एक घटना है और इसके सभी आरोपियों को निश्चित ही सजा मिलेगी। - गार्गी कक्कड़, जिलाध्यक्ष भाजपा
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