2006 में सुशांत लोक में पुलिस एनकाउंटर में हुई थी पति की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। 14 साल पहले पुलिस एनकाउंटर में हुई पति की मौत का मृत्यु प्रमाण पत्र पाने के लिए पत्नी ने जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मृतक की पत्नी का कहना है कि पति का मृत्यु प्रमाणपत्र लेने के विभाग में गई तो उन्होंने अदालत का आदेश लाने की बात कहकर मामला टाल दिया। याचिका पर सिविल जज जूनियर डिवीजन विक्रांत की अदालत ने विभाग को नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने एक मई की तारीख नियत की है।
दिल्ली के नजफगढ़ निवासी जीत कौर ने अदालत में अपनी याचिका में बताया कि उनके पति जय प्रकाश की सात मार्च 2006 को सुशांत लोक पार्ट-2 में हुए पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी। पति के एनकाउंटर के मामले में पुलिस ने डीएलएफ थाने में आर्म्स एक्ट के साथ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया था। पति का अंतिम संस्कार नजफगढ़ में किया गया था। इसके कुछ समय बाद मृतक की पत्नी ने विभाग से पति के मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की थी। पति का मृत्यु प्रमाण पत्र न मिलने के चलते महिला को विधवा पेंशन के साथ अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल सका। इसके साथ बच्चों की पढ़ाई की फीस में मिलने वाली छूट से भी वंचित रह गई। पीड़िता ने करीब 14 साल बाद मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।