स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम में अब तक 489 स्मार्ट फीडर भूमिगत किए जा चुके हैं
औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-37 में बढ़ाए जाएंगे आठ नए फीडर, 17 से 25 होगी संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। आंधी-बारिश में बिजली के तार टूटने की समस्या से अब न तो विभाग को दो-चार होना पड़ेगा और न ही लोगों को बिजली कटौती की समस्या होगी। शहर में बिजली के फीडर भूमिगत किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गुरुग्राम में 11 केवी के 489 फीडरों को अब तक भूमिगत किया जा चुका है। इसमें से 482 फीडरों पर लोड चार्ज कर उन्हें चालू भी किया जा चुका है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता वीके अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए कहा कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अमित खत्री के निर्देशानुसार बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पूरा होने पर आंधी बारिश के कारण बिजली आपूर्ति की बाधा खत्म हो जाएगी। मुख्य अभियंता के अनुसार जिन इलाकों में अंडरग्राउंड फीडर ने काम करना शुरू कर दिया है, उन इलाकों में तार हिलने के कारण आने वाले फॉल्ट में 80 प्रतिशत कमी आई है।
आंधी में तार टूटने और बिजली व्यवस्था अस्त व्यस्त होने संबंधित दिक्कतें दूर हुई हैं। 11 केवी की लाइनों को अंडरग्राउंड किए जाने से ओवर हेड लाइन के आस-पास घरों में दिक्कत आने, तारों की जद में आने वाले पेड़ों की छंटाई की समस्या दूर हो जाएगी। इसमें दोहरी लाइनें हैं, अगर कही फॉल्ट आया तो रिंगमैन सिस्टम से बिजली को दूसरे केबल से जोड़ा जा सकेगा और फॉल्ट की मरम्मत के दौरान पूरे इलाके में बिजली गुल नहीं होगी। ओवरहेड तारों के हटने से कई मुश्किलें कम हो जाएंगी।
औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ाए गए फीडर
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर 37 और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस समय 17 फीडर मौजूद हैं। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए मौजूदा फीडरों के ओवर लोडिंग और लोड के विभाजन से बचने के लिए 17 फीडर से बढ़ाकर 25 फीडरों के माध्यम से आपूर्ति करने का प्रस्ताव है। आठ फीडरों का काम पूरा हो चुका है और इनमें से पांच को लोड पर ले लिया गया है। कार्यान्वयन कर्ता फर्म मेसर्स टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की प्रतिबद्धता के अनुसार शेष फीडरों को पूरा करने का लक्ष्य तिथि 31 मार्च 2024 है।
रविवार को शटडाउन कर मरम्मत कार्य
मुख्य अभियंता ने बताया कि बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए और औद्योगिक क्षेत्र को समस्या से बचाने के लिए शट डाउन रविवार को ही लिया जाता है। यह थोड़े समय का शट डाउन उपभोक्ताओं को भविष्य में बेहतर बिजली आपूर्ति करने का प्रयास है। किसी भी फीडर को लोड डालकर चालू करने के लिए उसमें बिजली आपूर्ति किया जाना अपरिहार्य है और उसी के लिए थोड़े समय का शटडाउन अनिवार्य हो जाता है। भविष्य में औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी, बिजली निगम इसके लिए कार्यरत है।