स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, शुक्रवार से एक बार फिर धुंध छाने के आसार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पूर्वाई हवाओं ने सर्दी का सितम बढ़ा दिया है। सुबह-शाम के तापमान में महज पांच डिग्री का अंतर रह गया है। शहर में न्यूनतम तापमान 9 और अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। इस कारण धुंध में कमी और हाड़ कंपाने वाली सर्दी बढ़ी है। मौसम की मार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कोल्ड वेव से बचने की सलाह दी है। आगामी दो दिनों में तापमान का अंतर कम होने के कारण एक बार फिर धुंध छाने के आसार बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी से बचने के लिए एडवाइजरी (सलाह) जारी की है । लोगों को जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी जा रही है।
इन दिनों पूर्वाई हवाएं चल रही हैं। इस कारण मौसम के तेवर तल्ख हैं। दिन का तापमान सामान्य से छह डिग्री कम है। इस कारण सर्दी ने लोगों के होश फाख्ता कर दिए हैं। सड़कें सूनीं नजर आने लगी हैं। सर्दी के कारण स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई हैं। कॉलेज स्तर की सेमेस्टर परीक्षाओं में भी बदलाव किया गया है। शहर में लोगों की चहल पहल घटी है।
इस बीच मौसम वैज्ञानिकों ने राहत के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जल्द ही पूर्वाई हवाओं का रुख बदलने के आसार हैं। इसके बाद उत्तर पश्चिमी हवाएं चलेंगी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवाओं में बदलाव का असर मौसम पर देखने को मिलेगा। इस कारण मौसम खुष्क होने के आसार हैं। इससे दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ेगा। इस बीच लोगों को कंपकंपाने वाली सर्दी से राहत मिलेगी। हालांकि अभी धूप निकलने में वक्त लगेगा।
मौसम वैज्ञानिक एमएल खिच्चर ने बताया कि दिन और रात के बीच का तापमान कम होने के कारण लोगों को अधिक सर्दी महसूस होती है। मौजूदा मौसम में यह अंतर काफी कम हुआ है। आगामी दिनों में यह अंतर घटने की उम्मीद है। करीब शुक्रवार से एक बार फिर धुंध छाने के आसार हैं। बृहस्पतिवार तक छिटपुट बूंदाबांदी रहेगी। हवाएं बदलने के साथ मौसम में परिवर्तन महसूस होगा। अभी धूप निकलने में वक्त लगेगा।
सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी से बचने के लिए एडवाइजरी (सलाह) जारी की है। विभाग ने हाईपोथर्मिया (शरीर का तापमान सामान्य से कम) होने जैसे अनियंत्रित कांपना, बोलने में दिक्कत, अनिंद्रा, मांसपेशियों में अकड़न, सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सक से सलाह लेने के निर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों ने शीतलहर के समय घर में ही रहने की सलाह दी है। जरूरी न होने पर यात्रा करने से बचें। मौसम की लगातार जानकारी लेते रहें। बुजुर्ग और बच्चों के अलावा पड़ोस में अकेले रहने वाले लोगों की मदद करें। एक परत वाले कपड़े की जगह ढीली फिटिंग वाले परतदार हल्के कपड़े पहनें। अंदर से गर्म रखने वाले ऊनी कपड़े पहनें। शरीर को गर्म रखने के लिए टोपी और जलरोधी जूते पहनें। सिर को ढका रखें। फेफड़ों की सुरक्षा के लिए अपना मुंह ढक कर रखें। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पिएं। सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि शरीर में उष्मा के प्रवाह को बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार लें।