ई-रिक्शा चोरी में उपभोक्ता का दावा कर दिया था खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने चोरी हुए ई-रिक्शा के मामले में बीमा कंपनी को उपभोक्ता को एक लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज दर से देने का आदेश दिया है। इसके अलावा मानसिक तनाव और केस लड़ने में आया खर्च भी कंपनी को देना होगा।
गांव खेड़की दौला निवासी योगेश पाल ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने ई-रिक्शा का ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से बीमा कराया हुआ था। 2019 में जेजे कालोनी सेक्टर 15 से ई-रिक्शा चोरी हो गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस में इस संबंध में शिकायत दर्ज कर दी थी।इसके बाद शिकायतकर्ता ने चोरी हुए वाहन के संबंध में बीमा कंपनी से संपर्क करने के बाद बीमा द्वारा मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए ।लेकिन बीमा कंपनी ने शिकायतकर्ता के दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराई। आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल सदस्य ज्योति सिवाच व खुशविंदर कौर ने पूरे मामले को सुना। आयोग ने माना कि कंपनी की ओर से सेवा में कमी हुई है। बीमा कंपनी ने गलत और अवैध तरीके से दावा खारिज कर दिया था। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि कंपनी उपभोक्ता को एक लाख रुपये नौ फीसदी ब्याज दर से व मानसिक तनाव के लिए तीस हजार और मुकदमेबाजी में खर्च 11 हजार रुपये देगी।
सचिन कुमार