जांच के दौरान हुआ खुलासा, जिनकी फाइल बंद हो गई उनको भी बनाया था दोषी
डीसीपी मुख्यालय ने की जांच 14 को पाया दोषी, निलंबन के बाद मुख्यालय भेजी जांच रिपोर्ट
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने जिन जांच अधिकारियों के लिए निलंबन पत्र जारी किया है, उनकी सूची पर ही सवाल खड़ा हो गया है। कमिश्नरेट की पुलिस की ओर से की गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि मुख्यालय से जो सूची भेजी गई है। उसे सीसीटीएनएस (क्राइम कंट्रोल नेटवर्किंग सिस्टम) से उठाया गया था। इस सूची में उनको भी दोषी बनाया गया था, जिनकी जांच पूरी होने के बाद फाइल बंद हो चुकी है। कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्यालय से 76 मामलाें की जांच में 60 पुलिस अधिकारियों को दोषी पाया गया था। उसकी जांच के बाद नई तस्वीर सामने आई है।
डीसीपी मुख्यालय दीपक गहलोत की ओर से की गई जांच में पाया गया है कि बहुत से मामले ऐसे है जिनकी फाइल बंद हो चुकी है। अदालत में चालान दाखिल किया जा चुका है। कुछ मामले ऐसे हैं जिसमें हाइकोर्ट से स्थगन आदेश के चलते कार्रवाई नहीं हुई। जांच अधिकारी की ओर से अदालत में उक्त आदेश को निरस्त कराने का प्रयास किया गया है। जबकि कुछ मामलों में जांच अधिकारी की ओर से लुक आउट कार्नर नोटिस भी जारी किया गया है। ऐसे में डीसीपी मुख्यालय की ओर से सभी जांच अधिकारी को भेजे गए सो काज नोटिस के जबाव के बाद 14 पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
जिन अधिकारियों को जांच में दोषी पाया गया है कि उसमें जाहिर होता है कि लापरवाही बरती गई है। उसी आधार पर उन पर कार्रवाई की गई है। जिन लोगों को निलंबित किया गया है। उसमें मारपीट से लेकर धोखाधड़ी के मामले हैं। कई मामलों में तो जांच अधिकारी का जबाव संतोष जनक नहीं पाया गया। उन पर कार्रवाई की गई है।
जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई को लेकर चर्चा
महकमे में इस बात की चर्चा है कि जिन लोगों पर गाज गिरी है उनका कोई दोष नहीं है। कई जगह तो उनके थाना प्रभारी व एसीपी , डीसीपी ने फाइल को धीमी गति से चलाने की बात मौखिक कर रखी थी। जांच में अगर देरी हो रही थी तो उक्त मुकदमा नंबर की जांच करने वाले वरिष्ठ अधिकारी क्या कर रहे थे। छोटे अधिकारियों पर ही गाज क्यों।
वर्जन
मुख्यालय से मिली सूची की जांच के बाद 14 लोगों पर कार्रवाई की है। इसकी जानकारी मुख्यालय को भेज दी गई है। कमिश्नरेट से इस संदर्भ में पहले कोई सूची नहीं भेजी गई है। सीसीटीएनएस की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय से कार्रवाई की बात सामने आई है। - विकास अरोड़ा, पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम।