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Gurugram News: मंडी में उगाही की आंच खाकी तक पहुंची

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पुलिस महानिदेशक से लेकर पुलिस आयुक्त तक सख्त कार्रवाई के मूड में
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गैंगस्टर के गुर्गों से एसीबी के एक पुलिस अधिकारी ने भी की थी पूछताछ

मयंक तिवारी

गुरुग्राम। खाड़सा अनाज मंडी में अवैध वसूली करने वाले गैंगस्टर कौशल के गुर्गों की ओर से वसूल की जा रही रकम का एक हिस्सा खाकी को भी जा रहा था। इस बात का खुलासा गैंगस्टर के गुर्गों से हुई पूछताछ के बाद हुआ है। इस खुलासे के बाद पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर से लेकर पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा आरोपी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई के मूड में हैं। महकमे में चर्चा है कि जांच के दौरान कमिश्नरेट में तैनात सीआईए की अलग-अलग शाखाओं में तैनात 12 पुलिसकमियों के नाम सामने आए हैं। जो मंडी के उगाही वाले धन के हिस्से में भागीदार बनते थे।
इस मामले में सीआईए पुलिस टीम अनाज मंडी की उगाही के मामले में पुलिस एनआईए के एक लाख रुपये के इनामी संदीप उर्फ बंदर को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके साथ पुलिस ने इनपुट के आधार पर गैंगस्टर अमित डागर की पत्नी ट्विंकल को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला था उगाही का एक हिस्सा गैंगस्टर कौशल के गुर्गों को जरूरत के हिसाब से उपलब्ध कराया जाता था। उसी मामले में सीआईए दस, सीआई 31 और सीआईए 17 की टीम ने छापामारी करके अलग-अलग ठिकानों से अतुल खटाना, सुरजीत उर्फ बुलेट सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया था।
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इनसे मिली जानकारी के बाद पुलिस टीम के होश उड़ गए। पुलिस टीम जब उगाही के पैसों का हिसाब जानना चाह रही तो आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनकी मदद करने वाले सीआईए 10 व अन्य शाखा में वर्तमान समय में तैनात पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। यह पुलिसकर्मी अपने-अपने घरों के लिए सोफे से लेकर अन्य लग्जरी सामान मंगवाते थे।
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इसकी जानकारी पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को हुई। जिसके बाद मामले की जांच के लिए सीआईए 31 की शाखा में एक एसीबी अधिकारी को भेजा गया था। इसकी पूछताछ में आरोपी पुलिस कर्मियों के नाम सामने आया है। सूत्रों कि माने तो इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ आने वाले दिनों में एफआईआर तक दर्ज हो सकती है। इसके अलावा इनका कमिश्नरेट से बाहर कहीं अन्य स्थान पर तबादला भी किया जा सकता है। जिससे पुलिस और बदमाशों के बीच चल रहे इस नेटवर्क को तोड़ा जा सके।
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